टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर सुरेश रैना मंगलवार को अपना 32वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 27 नवंबर 1986 को उत्तर प्रदेश में जन्मे बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 18 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया किया था। इसके बाद वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर हो गए। रैना को क्रिकेट का 'जेंटलमैन' कहा जाता है। आइए जानते हैं 'जेंटलमैन' के जन्मदिन पर उनके क्रिकेट करियर से जुड़ी कुछ खास बातेंः
B'day Spcl: सुरेश रैना यूं ही नहीं बने भारत के इकलौते व दुनिया के तीसरे बल्लेबाज, ये रिकॉर्ड है सबूत
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16 साल की उम्र में रणजी में डेब्यू
साल 2003 में सुरेश रैना ने उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में शामिल हुए और असम के खिलाफ डेब्यू किया था, लेकिन वह उस सीजन में दूसरा मैच नहीं खेल पाए। इसी साल वह अंडर-19 एशियन वन-डे चैंपियनशिप के पाकिस्तान का दौरा किए थे।
अंडर-19 विश्व कप में दिख गया था जलवा
सुरेश रैना ने साल 2004 में अंडर-19 विश्व कप में अपनी बल्लेबाजी से कुछ खास कमाल तो नहीं कर पाए। मगर इनके बल्लेबाजी से यह कयास जरूर लग था कि आगे चलकर यह एक बेहतरीन बल्लेबाज बनेंगे। इस दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक लगाया था। उस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 38 गेंदों पर 90 रन था।
तीनों प्रारूपों में शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज
सुरेश रैना टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वन-डे और टी20) में शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
टेस्ट डेब्यू में जड़ा था शानदार शतक
बाएं हाथ के इस बल्लेबाजी ने श्रीलंका के खिलाफ साल 2010 में डेब्यू किया था। हालांकि, कोलंबो में दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला ड्रॉ हुआ था। इस मैच में रैना ने 120 रन की शतकीय पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 12 चौके और 2 छक्के लगाए थे। वह ऐसा करने वाले भारत के 12वें खिलाड़ी बने थे।