{"_id":"6886fb62e4fcb54af60b6cfa","slug":"why-brook-bowl-to-jadeja-sundar-stokes-broke-silence-on-high-voltage-drama-on-ind-vs-eng-4th-test-last-day-2025-07-28","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"IND vs ENG: जडेजा-सुंदर को ब्रुक ने क्यों की गेंदबाजी? आखिरी दिन हाईवोल्टेज ड्रामा पर स्टोक्स ने तोड़ी चुप्पी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
IND vs ENG: जडेजा-सुंदर को ब्रुक ने क्यों की गेंदबाजी? आखिरी दिन हाईवोल्टेज ड्रामा पर स्टोक्स ने तोड़ी चुप्पी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 28 Jul 2025 09:54 AM IST
सार
इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स ने कहा, 'अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने के बाद मुझे नहीं लगता कि नाबाद 80-90 रन की जगह नाबाद 100 रन बना लेने से बहुत अधिक संतुष्टि मिलती है। आपने मैच बचाकर ही अपनी टीम के लिए बहुत बड़ा काम किया है।'
विज्ञापन
स्टोक्स ने विवाद पर चुप्पी तोड़ी
- फोटो : ANI/PTI
भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर टेस्ट के पांचवें दिन मैदान पर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। भारतीय बल्लेबाजों रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के मैच के अंतिम घंटे की शुरुआत से पहले ड्रॉ पर सहमति जताने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे बौखलाए अंग्रेजों ने भारतीय खिलाड़ियों को स्लेज करने की कोशिश की। इतना ही नहीं कप्तान स्टोक्स ने गेंदबाजी आक्रामण पर हैरी ब्रुक और जो रूट को लगा दिया। रूट पार्ट-टाइमर हैं, जबकि ब्रुक का आना चौंकाने वाला था।
Trending Videos
भारत-इंग्लैंड चौथा टेस्ट
- फोटो : PTI
'80-90 रन की जगह 100 रन बना लेने से...'
स्टोक्स ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'उन दोनों ने जो पारी खेली वह बहुत-बहुत अच्छी थी। शून्य पर दो विकेट गिरने के बाद और फिर शुभमन गिल और केएल राहुल के विकेट के बाद हमने मैच को थोड़ा खोलने की कोशिश की थी, लेकिन जडेजा और सुंदर के बीच वह साझेदारी बहुत बड़ी थी। उन्होंने अविश्वसनीय खेल दिखाया और आप खुले हाथों से दोनों की तारीफ कर सकते हैं। अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने के बाद मुझे नहीं लगता कि नाबाद 80-90 रन की जगह नाबाद 100 रन बना लेने से बहुत अधिक संतुष्टि मिलती है। आपने मैच बचाकर ही अपनी टीम के लिए बहुत बड़ा काम किया है। 10 और रन या जो भी था, उसे बना लेने से यह तथ्य बदलने वाला नहीं है कि आपने अपनी टीम को बेहद मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला है और आखिरी गेम से पहले अपनी टीम को सीरीज हार से लगभग बचा लिया है।'
IND vs ENG: बेन स्टोक्स ने दिया जल्दी ड्रॉ का ऑफर...जडेजा और सुंदर ने ठुकराया; वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
स्टोक्स ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'उन दोनों ने जो पारी खेली वह बहुत-बहुत अच्छी थी। शून्य पर दो विकेट गिरने के बाद और फिर शुभमन गिल और केएल राहुल के विकेट के बाद हमने मैच को थोड़ा खोलने की कोशिश की थी, लेकिन जडेजा और सुंदर के बीच वह साझेदारी बहुत बड़ी थी। उन्होंने अविश्वसनीय खेल दिखाया और आप खुले हाथों से दोनों की तारीफ कर सकते हैं। अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने के बाद मुझे नहीं लगता कि नाबाद 80-90 रन की जगह नाबाद 100 रन बना लेने से बहुत अधिक संतुष्टि मिलती है। आपने मैच बचाकर ही अपनी टीम के लिए बहुत बड़ा काम किया है। 10 और रन या जो भी था, उसे बना लेने से यह तथ्य बदलने वाला नहीं है कि आपने अपनी टीम को बेहद मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला है और आखिरी गेम से पहले अपनी टीम को सीरीज हार से लगभग बचा लिया है।'
IND vs ENG: बेन स्टोक्स ने दिया जल्दी ड्रॉ का ऑफर...जडेजा और सुंदर ने ठुकराया; वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत-इंग्लैंड चौथा टेस्ट
- फोटो : PTI
स्टोक्स ने ब्रुक से गेंदबाजी कराने के फैसले का बचाव किया
स्टोक्स के ब्रुक और रूट से गेंदबाजी कराने के कदम की कई लोगों ने आलोचना की थी। स्टोक्स से जब इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पूरे जोश के साथ इसका बचाव किया। कप्तान ने कहा कि चूंकि मैच का नतीजा आने वाला नहीं था और वह अंतिम कुछ ओवरों में अपने मुख्य गेंदबाजों को चोटिल होने की जोखिम में डालने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम अपने फ्रंटलाइन गेंदबाजों के साथ मैच को जहां तक ले जा सकते थे, ले गए। जहां तक हम सोच सकते थे कि हमारे पास अभी भी इस मैच को जीतने का वास्तविक मौका है, तब तक हमने उनसे गेंदबाजी करवाई। लेकिन जैसे ही यह उस बिंदु पर पहुंच गया, जहां यह ड्रॉ होना तय था, मैं कभी भी अपने किसी भी फ्रंटलाइन गेंदबाज को चोटिल होने के खतरे में नहीं डालने वाला था। इस पूरी सीरीज के दौरान हमें जितना वर्कलोड मिला है, उसमें मैं कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता था। आखिरी 15 ओवर या आखिरी घंटे में किसी भी वक्त हाथ मिलाने का फैसला लिया जा सकता था।'
स्टोक्स के ब्रुक और रूट से गेंदबाजी कराने के कदम की कई लोगों ने आलोचना की थी। स्टोक्स से जब इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पूरे जोश के साथ इसका बचाव किया। कप्तान ने कहा कि चूंकि मैच का नतीजा आने वाला नहीं था और वह अंतिम कुछ ओवरों में अपने मुख्य गेंदबाजों को चोटिल होने की जोखिम में डालने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम अपने फ्रंटलाइन गेंदबाजों के साथ मैच को जहां तक ले जा सकते थे, ले गए। जहां तक हम सोच सकते थे कि हमारे पास अभी भी इस मैच को जीतने का वास्तविक मौका है, तब तक हमने उनसे गेंदबाजी करवाई। लेकिन जैसे ही यह उस बिंदु पर पहुंच गया, जहां यह ड्रॉ होना तय था, मैं कभी भी अपने किसी भी फ्रंटलाइन गेंदबाज को चोटिल होने के खतरे में नहीं डालने वाला था। इस पूरी सीरीज के दौरान हमें जितना वर्कलोड मिला है, उसमें मैं कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता था। आखिरी 15 ओवर या आखिरी घंटे में किसी भी वक्त हाथ मिलाने का फैसला लिया जा सकता था।'
#WATCH | #INDvsENG Fourth Test | Manchester, UK | On extending a 'handshake' to end the match in a draw, England Men's Test captain Ben Stokes says, "... As soon as it got to that point where the draw was inevitable, I was never going to risk any of my front-line bowlers with the… pic.twitter.com/PznNFziFna
— ANI (@ANI) July 27, 2025
भारत-इंग्लैंड चौथा टेस्ट
- फोटो : PTI
'सब जानते थे वहां क्या चल रहा था...'
स्टोक्स ने कहा, 'उस वक्त हमारी टीम से मैदान पर एकमात्र अन्य खिलाड़ी, जिसे थोड़ी बहुत गेंदबाजी की जानकारी है, वह हैरी ब्रुक थे। लेकिन मुझे उससे कहना पड़ा- कृपया कुछ भी बेवकूफी न करना। हमने मैदान में बहुत समय फील्डिंग करते हुए बिताया है और ऐसे में कुछ अलग करने की कोशिश मत करना। स्वाभाविक रूप से हम काफी थके हुए थे। भले ही आप गेंदबाजी न करें, लेकिन फील्डिंग करते हुए भी हम थकते हैं। तो मैं बस उस समय को निकालना चाहता था। मैं उस स्थिति में अपने किसी भी फ्रंटलाइन गेंदबाजी विकल्प को जोखिम में नहीं डालने वाला था, जब हम जानते थे कि वहां क्या चल रहा था।'
IND vs ENG: 'क्या अंग्रेज लौट जाते?' भारतीय कोच गंभीर ने जबरदस्ती विवाद खड़ा करने पर इंग्लैंड की टीम को लताड़ा
स्टोक्स ने कहा, 'उस वक्त हमारी टीम से मैदान पर एकमात्र अन्य खिलाड़ी, जिसे थोड़ी बहुत गेंदबाजी की जानकारी है, वह हैरी ब्रुक थे। लेकिन मुझे उससे कहना पड़ा- कृपया कुछ भी बेवकूफी न करना। हमने मैदान में बहुत समय फील्डिंग करते हुए बिताया है और ऐसे में कुछ अलग करने की कोशिश मत करना। स्वाभाविक रूप से हम काफी थके हुए थे। भले ही आप गेंदबाजी न करें, लेकिन फील्डिंग करते हुए भी हम थकते हैं। तो मैं बस उस समय को निकालना चाहता था। मैं उस स्थिति में अपने किसी भी फ्रंटलाइन गेंदबाजी विकल्प को जोखिम में नहीं डालने वाला था, जब हम जानते थे कि वहां क्या चल रहा था।'
IND vs ENG: 'क्या अंग्रेज लौट जाते?' भारतीय कोच गंभीर ने जबरदस्ती विवाद खड़ा करने पर इंग्लैंड की टीम को लताड़ा
विज्ञापन
भारत-इंग्लैंड चौथा टेस्ट
- फोटो : PTI
आखिरी टेस्ट 31 जुलाई से ओवल में
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत की पहली पारी के 358 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 669 रन बनाए थे। अपनी दूसरी पारी 311 रन पिछड़ने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने जुझारू बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 143 ओवर में चार विकेट पर 425 रन बनाए। टीम ने बिना कोई रन बनाए दो विकेट गंवाने के बावजूद कप्तान गिल की अगुआई में शानदार बल्लेबाजी की। गिल ने 103 रन बनाने के अलावा लोकेश राहुल (90 ) के साथ 188 रन की साझेदारी से मैच में भारत की वापसी कराई। इसके बाद जडेजा (107 नाबाद) और सुंदर (101 नाबाद) ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा। सीरीज में अभी भी इंग्लैंड की टीम 2-1 से आगे है। आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा।
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत की पहली पारी के 358 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 669 रन बनाए थे। अपनी दूसरी पारी 311 रन पिछड़ने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने जुझारू बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 143 ओवर में चार विकेट पर 425 रन बनाए। टीम ने बिना कोई रन बनाए दो विकेट गंवाने के बावजूद कप्तान गिल की अगुआई में शानदार बल्लेबाजी की। गिल ने 103 रन बनाने के अलावा लोकेश राहुल (90 ) के साथ 188 रन की साझेदारी से मैच में भारत की वापसी कराई। इसके बाद जडेजा (107 नाबाद) और सुंदर (101 नाबाद) ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा। सीरीज में अभी भी इंग्लैंड की टीम 2-1 से आगे है। आखिरी मुकाबला 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा।