{"_id":"69a5697ac3b315a7090131ea","slug":"did-switching-off-phone-social-media-change-his-fortune-sanju-samson-opens-up-after-unbeaten-97-2026-03-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Sanju Samson: खराब दौर से कैसे निकले संजू सैमसन? खुद किया खुलासा, कहा- मोबाइल स्विच ऑफ किया और बस खुद की सुनी","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
Sanju Samson: खराब दौर से कैसे निकले संजू सैमसन? खुद किया खुलासा, कहा- मोबाइल स्विच ऑफ किया और बस खुद की सुनी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Swapnil Shashank
Updated Mon, 02 Mar 2026 04:12 PM IST
सार
संजू सैमसन ने खुलासा किया कि खराब फॉर्म के दौरान उन्होंने फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर आत्मविश्वास पर काम किया। आत्ममंथन और सकारात्मक सोच के दम पर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस पारी से भारत सेमीफाइनल में पहुंचा और सैमसन ने साबित किया कि विश्वास और धैर्य से मुश्किल दौर को हराया जा सकता है।
विज्ञापन
संजू सैमसन ने जीत के बाद ऊपर वाले को इस अंदाज में धन्यवाद कहा
- फोटो : IANS
टी20 विश्वकप 2026 में सुपर-8 के अपने आखिरी मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को हरा दिया और सेमीफाइनल में जगह बना ली। टीम इंडिया की इस जीत में संजू सैमसन ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने नाबाद 97 रन की अहम पारी खेली। इस जीत के बाद जिस प्रकार संजू ने जश्न मनाया, वह देखने लायक था। संजू जमीन पर घुठने के बल बैठे और ऊपर वाले को शुक्रिया कहा। मैच के बाद संजू ने बताया है कि वह किस प्रकार खराब दौर से उबरने में कामयाब हुए। संजू ने बताया कि बुरे वक्त में उन्होंने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था और बस खुद की सुन रहे थे। सेमीफाइनल में भारत का सामना पांच मार्च को इंग्लैंड से होगा, जबकि पहले सेमीफाइनल में चार मार्च को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने-सामने होंगी।
Trending Videos
संजू सैमसन ने जीत के बाद ऊपर वाले को इस अंदाज में धन्यवाद कहा
- फोटो : IANS
मैच के बाद क्या बोले सैमसन?
मैच के बाद सैमसन ने खुलासा किया कि खराब फॉर्म के दौरान उन्होंने अपने फोन और सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी, ताकि आत्मविश्वास बरकरार रख सकें। सैमसन ने कहा, 'शॉट चयन पर मैं लगातार काम कर रहा था। मैं ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहता था, क्योंकि मुझे पता था कि इसी सेटअप के साथ मैंने पहले प्रदर्शन किया है। मैंने खुद पर भरोसा रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूरी बना ली और खुद की बात सुनी। मुझे खुशी है कि यह सब एक खास मैच में हुआ।'
उन्होंने बताया कि जब रन नहीं बन रहे थे, तो मन में नकारात्मक विचार आने लगे थे। सैमसन ने बताया, 'हम इंसान हैं, अक्सर दिमाग में पहले नकारात्मक विचार आता है कि क्या मैं कर पाऊंगा? शायद नहीं। जब भी ऐसा सोचता हूं, तो उसे सकारात्मक विचार से बदलने की कोशिश करता हूं।'
मैच के बाद सैमसन ने खुलासा किया कि खराब फॉर्म के दौरान उन्होंने अपने फोन और सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी, ताकि आत्मविश्वास बरकरार रख सकें। सैमसन ने कहा, 'शॉट चयन पर मैं लगातार काम कर रहा था। मैं ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहता था, क्योंकि मुझे पता था कि इसी सेटअप के साथ मैंने पहले प्रदर्शन किया है। मैंने खुद पर भरोसा रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूरी बना ली और खुद की बात सुनी। मुझे खुशी है कि यह सब एक खास मैच में हुआ।'
उन्होंने बताया कि जब रन नहीं बन रहे थे, तो मन में नकारात्मक विचार आने लगे थे। सैमसन ने बताया, 'हम इंसान हैं, अक्सर दिमाग में पहले नकारात्मक विचार आता है कि क्या मैं कर पाऊंगा? शायद नहीं। जब भी ऐसा सोचता हूं, तो उसे सकारात्मक विचार से बदलने की कोशिश करता हूं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
संजू सैमसन ने जीत के बाद ऊपर वाले को इस अंदाज में धन्यवाद कहा
- फोटो : IANS
आत्ममंथन से मिली नई राह
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद सैमसन को 10 दिन का ब्रेक मिला। उन्होंने इस समय का इस्तेमाल आत्ममंथन में किया। संजू ने बताया, 'मैंने खुद से पूछा- संजू, और क्या कर सकते हो? क्यों काम नहीं किया? मैंने बस अपने बेसिक पर काम किया, सोच कि खुद को कैसे सेट कर सकता हूं, बस उसी पर ध्यान दिया। कई लोगों ने सुझाव दिए, जो सही भी थे, लेकिन मैंने खुद से कहा- तुमने इसी सेटअप के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। यह आत्मविश्वास ही था जिसने उन्हें बड़े मैच में बड़ी पारी खेलने की ताकत दी।'
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद सैमसन को 10 दिन का ब्रेक मिला। उन्होंने इस समय का इस्तेमाल आत्ममंथन में किया। संजू ने बताया, 'मैंने खुद से पूछा- संजू, और क्या कर सकते हो? क्यों काम नहीं किया? मैंने बस अपने बेसिक पर काम किया, सोच कि खुद को कैसे सेट कर सकता हूं, बस उसी पर ध्यान दिया। कई लोगों ने सुझाव दिए, जो सही भी थे, लेकिन मैंने खुद से कहा- तुमने इसी सेटअप के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। यह आत्मविश्वास ही था जिसने उन्हें बड़े मैच में बड़ी पारी खेलने की ताकत दी।'
संजू सैमसन
- फोटो : PTI
दबाव में दिखाई परिपक्वता
196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, जिससे मैच चुनौतीपूर्ण हो गया। लेकिन सैमसन ने धैर्य और अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने कहा, 'यह थोड़ा मुश्किल लक्ष्य था। हमें लगा था कि ओस आने के बाद 190 से ज्यादा का स्कोर हासिल करना आसान होगा, लेकिन लगातार विकेट गिरने से चुनौती बढ़ गई। मुझे लगा कि मुझे अंत तक टिके रहना होगा।'
सैमसन ने यह भी बताया कि दबाव में बल्लेबाजी का तरीका बदलना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'पहले बल्लेबाजी करते हुए आप बड़े शॉट्स के बारे में सोचते हैं, लेकिन ऐसे लक्ष्य का पीछा करते हुए आप ज्यादा जोखिम नहीं लेते और चौकों पर ध्यान देते हैं। गेंद अच्छे से बल्ले पर आ रही थी, इसलिए मैंने टाइमिंग पर भरोसा रखा।'
196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, जिससे मैच चुनौतीपूर्ण हो गया। लेकिन सैमसन ने धैर्य और अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने कहा, 'यह थोड़ा मुश्किल लक्ष्य था। हमें लगा था कि ओस आने के बाद 190 से ज्यादा का स्कोर हासिल करना आसान होगा, लेकिन लगातार विकेट गिरने से चुनौती बढ़ गई। मुझे लगा कि मुझे अंत तक टिके रहना होगा।'
सैमसन ने यह भी बताया कि दबाव में बल्लेबाजी का तरीका बदलना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'पहले बल्लेबाजी करते हुए आप बड़े शॉट्स के बारे में सोचते हैं, लेकिन ऐसे लक्ष्य का पीछा करते हुए आप ज्यादा जोखिम नहीं लेते और चौकों पर ध्यान देते हैं। गेंद अच्छे से बल्ले पर आ रही थी, इसलिए मैंने टाइमिंग पर भरोसा रखा।'
विज्ञापन
सैमसन को बधाई देते हेटमायर
- फोटो : IANS
'मैंने सपना देखने की हिम्मत की'
कोलकाता में खेली गई इस पारी को सैमसन अपने करियर की खास उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, 'भारत में सौ से ज्यादा क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं। मैंने सपना देखने की हिम्मत की। केरल के त्रिवेंद्रम का एक लड़का देश के लिए खेलते हुए इतने अहम मैच में जीत दिलाए, मैंने यह सपना देखा था और वह सच हुआ।'
कोलकाता में खेली गई इस पारी को सैमसन अपने करियर की खास उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, 'भारत में सौ से ज्यादा क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं। मैंने सपना देखने की हिम्मत की। केरल के त्रिवेंद्रम का एक लड़का देश के लिए खेलते हुए इतने अहम मैच में जीत दिलाए, मैंने यह सपना देखा था और वह सच हुआ।'