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Rahul Dravid Birthday: द्रविड़ के इन चार रिकॉर्ड्स का टूटना मुश्किल! उनकी कही 5 बातें, जो देती हैं जीवन की सीख
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 11 Jan 2026 10:37 AM IST
सार
राहुल द्रविड़ केवल 'द वॉल' नहीं, भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद नींव रहे हैं। उनकी तकनीक, संयम, मानसिक मजबूती, स्पोर्ट्समैनशिप और कोचिंग ने भारतीय क्रिकेट को अलग ऊंचाई पर पहुंचाया। उनके कई टेस्ट रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं और आधुनिक गेम में इनके टूटने की संभावना काफी कम है। उनके विचार जीवन में अनुशासन और धैर्य की सीख देते हैं। भारतीय क्रिकेट इतिहास में द्रविड़ हमेशा एक सम्माननीय, शांत और महान किरदार के रूप में याद किए जाएंगे।
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राहुल द्रविड़
- फोटो : ANI
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ रविवार (11 जनवरी) को 53 साल के हो गए। साल 1973 में आज के दिन ही उनका जन्म हुआ था। एक सामान्य परिवार में जन्में राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट की दुनिया में बहुत ही असाधारण प्रदर्शन किया है। पहले एक बल्लेबाज के रूप में उन्होंने कई कमाल किए और फिर कोच के रूप में भी वो सुपरहिट रहे हैं। टीम इंडिया का कोच पद छोड़ने के बाद द्रविड़ इन दिनों अपने घर-परिवार के साथ क्वालिटी समय बिता रहे हैं।
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द्रविड़ और अगरकर
- फोटो : ANI
लंबे समय तक भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे द्रविड़ की प्रमुख उपलब्धियां
- कुल 24,208 अंतरराष्ट्रीय रन।
- 48 अंतरराष्ट्रीय शतक।
- 5 दोहरे शतक।
- 146 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतकीय पारियां।
- 2024 टी20 विश्व कप के विजेता हेड कोच।
- 2013 में पद्म भूषण से सम्मानित।
- 2004 में आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर।
- 2018 में आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल।
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बाएं से- राहुल द्रविड़, इरफान पठान, एमएस धोनी और हरभजन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
द्रविड़ का शुरुआती जीवन
राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी, 1973 को इंदौर में हुआ था। इनका पूरा नाम राहुल शरद द्रविड़ है। जन्म के बाद ही उनका परिवार कर्नाटक चला गया। द्रविड़ ने 12 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 के लिए कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। बचपन में ही पूर्व क्रिकेटर केकी तारापोर ने इन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं।
द्रविड़ ने फरवरी 1991 में रणजी ट्रॉफी में खेलकर क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने अपने पहले मैच में 82 रन की जबर्दस्त पारी खेली। द्रविड़ को अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय मैच में खेलने का मौका श्रीलंका के खिलाफ अप्रैल 1996 में मिला जबकि टेस्ट में उन्होंने अपना पहला मैच जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ के कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जिन्हें तोड़ना मुश्किल है। आइए जानते हैं...
राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी, 1973 को इंदौर में हुआ था। इनका पूरा नाम राहुल शरद द्रविड़ है। जन्म के बाद ही उनका परिवार कर्नाटक चला गया। द्रविड़ ने 12 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 के लिए कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। बचपन में ही पूर्व क्रिकेटर केकी तारापोर ने इन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं।
द्रविड़ ने फरवरी 1991 में रणजी ट्रॉफी में खेलकर क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने अपने पहले मैच में 82 रन की जबर्दस्त पारी खेली। द्रविड़ को अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय मैच में खेलने का मौका श्रीलंका के खिलाफ अप्रैल 1996 में मिला जबकि टेस्ट में उन्होंने अपना पहला मैच जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ के कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जिन्हें तोड़ना मुश्किल है। आइए जानते हैं...
राहुल द्रविड़
- फोटो : BCCI
1. सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड
अपने पूरे करियर में द्रविड़ गेंदबाजों के लिए एक बुरे सपने की तरह रहे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कुल 31,258 गेंदों का सामना किया, जो कि एक अद्भुत विश्व रिकॉर्ड है। यह समझने के लिए कि यह कितना बड़ा आंकड़ा है, आपको बस ये जानना होगा कि 31 हजार गेंदों का मतलब 5210 ओवर से ज्यादा बल्लेबाजी करना! आधुनिक क्रिकेट में कम होती टेस्ट बैटिंग और बदलते एप्रोच के चलते इस रिकॉर्ड को टूटते देखना बहुत मुश्किल लगता है।
टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड
अपने पूरे करियर में द्रविड़ गेंदबाजों के लिए एक बुरे सपने की तरह रहे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कुल 31,258 गेंदों का सामना किया, जो कि एक अद्भुत विश्व रिकॉर्ड है। यह समझने के लिए कि यह कितना बड़ा आंकड़ा है, आपको बस ये जानना होगा कि 31 हजार गेंदों का मतलब 5210 ओवर से ज्यादा बल्लेबाजी करना! आधुनिक क्रिकेट में कम होती टेस्ट बैटिंग और बदलते एप्रोच के चलते इस रिकॉर्ड को टूटते देखना बहुत मुश्किल लगता है।
टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड
| खिलाड़ी | देश | गेंदें खेलीं |
|---|---|---|
| राहुल द्रविड़ | भारत | 31,258 |
| सचिन तेंडुलकर | भारत | 29,437+ |
| जैक कैलिस | दक्षिण अफ्रीका | 28,903 |
| शिवनारायण चंद्रपॉल | वेस्टइंडीज | 27,395 |
| एलन बॉर्डर | ऑस्ट्रेलिया | 27,002+ |
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राहुल द्रविड़
- फोटो : BCCI
2. क्रीज पर सबसे ज्यादा समय बिताने वाले खिलाड़ी
राहुल द्रविड़ को बल्लेबाजी एक “ध्यान” की तरह पसंद थी। वह विकेट संभालकर टीम को मजबूत करना जानते थे। यही कारण है कि टेस्ट इतिहास में क्रीज पर सबसे ज्यादा मिनट बिताने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है- कुल 44,152 मिनट! यह आंकड़ा सर्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से भी ज्यादा है। लंबे मैच, मुश्किल परिस्थितियां, तेज गेंदबाज, द्रविड़ सबके सामने खड़े रहे और 'द वॉल' की छवि कमाई।
टेस्ट में सबसे ज्यादा समय क्रीज पर बिताने का रिकॉर्ड
राहुल द्रविड़ को बल्लेबाजी एक “ध्यान” की तरह पसंद थी। वह विकेट संभालकर टीम को मजबूत करना जानते थे। यही कारण है कि टेस्ट इतिहास में क्रीज पर सबसे ज्यादा मिनट बिताने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है- कुल 44,152 मिनट! यह आंकड़ा सर्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से भी ज्यादा है। लंबे मैच, मुश्किल परिस्थितियां, तेज गेंदबाज, द्रविड़ सबके सामने खड़े रहे और 'द वॉल' की छवि कमाई।
टेस्ट में सबसे ज्यादा समय क्रीज पर बिताने का रिकॉर्ड
| क्रम | खिलाड़ी | देश | समय (मिनट) |
|---|---|---|---|
| 1 | राहुल द्रविड़ | भारत | 44,152 मिनट |
| 2 | सचिन तेंदुलकर | भारत | 41,304 मिनट |
| 3 | जैक कैलिस | दक्षिण अफ्रीका | 38,400+ मिनट |
| 4 | शिवनारायण चंद्रपॉल | वेस्टइंडीज | 37,750+ मिनट |
| 5 | एलिस्टेयर कुक | इंग्लैण्ड | 37,331 मिनट |