सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आए। रामलीला मैदान में एकजुट होने के बाद उन्होंने नैनीताल रोड की ओर कूच किया तो पुलिस ने बेस अस्पताल के पास उन्हें रोक लिया। पुलिस की घेराबंदी तोड़कर वे तिकोनिया चौराहे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
Agneepath Protest : उत्तराखंड में 'अग्निपथ' का विरोध, हल्द्वानी में सड़कों पर उतरे युवाओं पर पुलिस ने फटकारीं लाठियां, तस्वीरें
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आननफानन पुलिस ने शहर के कई मार्गों पर फोर्स भेजकर यातायात डायवर्ट कराया। तिकोनिया चौराहे पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम मनीष सिंह, एसपी सिटी क्राइम जगदीश चंद्र, एसपी सिटी हरबंश सिंह समेत अन्य अफसरों ने युवाओं को समझाया लेकिन आक्रोशित युवा नहीं माने और अग्निपथ के विरोध में नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी अपने साथ बैनर और झंडे लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था यह योजना युवाओं के हित में नहीं है। योजना वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने योजना पर कई सवाल उठाए।
युवा निर्माणाधीन कांप्लेक्स में घुसे तो उन्हें निकालकर पीटा गया। कुछ युवा बचने के लिए गलियों में भागे तो पुलिस ने वहां भी नहीं छोड़ा। ठंडी सड़क पर भगदड़ के बीच कुछ युवा नहर में गिरकर चोटिल हो गए। पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। करीब 10:30 बजे तक शहर के मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर होने के बाद मार्ग पर पूरी तरह दुकानें खुल सकीं और यातायात सामान्य हो सका। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से जगह-जगह फोर्स तैनात रही। इधर, कुछ युवा एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में एकत्र थे। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को रखा। यहां पर भी बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
तिकोनिया के पास प्रदर्शनकारियों ने मार्ग पर जाम लगा दिया था। इस दौरान कुछ वाहन सवारों ने निकलने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारी उनसे उलझ पड़े। एक एंबुलेंस को रोका गया। पुलिस ने उसे बमुश्किल निकलवाया। उसके बाद स्कूटी सवार महिला गिर पड़ी। एक टेंपो को भी पलटने का प्रयास हुआ। इस दौरान सीओ के वाहन का साइड मिरर भी टूट गया। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने कहा कि युवाओं को समझाने का काफी प्रयास किया गया। रामलीला मैदान से लेकर तिकोनिया तक लगातार कोशिश की गई। काफी संयम बरता गया। स्थिति बिगड़ सकती थी, ऐसे में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। इसमें किसी को चोट नहीं आई। बाद में गौलापार ले जाए गए युवाओं को भी छोड़ दिया गया। एसडीएम मनीष सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से 57 युवकों को डिटेन किया गया था। कुछ देर बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया था। उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
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