देहरादून में हर्षल फाउंडेशन, दून संस्कृति और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय दिव्यांग सहायता शिविर में दूसरे दिन भी सैकड़ों दिव्यांगों के सपनों को पंख लगे। बैसाखी के सहारे पहुंचे 110 दिव्यांग जब कृत्रिम पैर लगाकर स्वयं चलकर घर लौटे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई दिव्यांगों को कान की मशीन, व्हीलचेयर, बैसाखी, चश्मे, वाकिंग स्टीक आदि उपकरण निशुल्क वितरित किए गए। शिविर का 1470 दिव्यांगों ने लाभ उठाया।
अमर उजाला दिव्यांग शिविर: उम्मीद लेकर आए लोगों को मिला नया 'जीवन', लौटी चेहरे की रौनक, तस्वीरें...
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गांधी रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित शिविर में रविवार सुबह आठ बजे से दिव्यांगजन जुटने शुरू हो गए थे। नौ बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। उसके बाद चिकित्सकों ने जांच कर आवश्यक उपकरण लेने का परामर्श दिया। तत्पश्चात उन्हें संबंधित उपकरण वितरित किए गए। सभी स्टॉलों पर दिनभर दिव्यांगजनों की कतारें लगी रहीं। शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की भी जानकारी दी। 110 दिव्यांगों से पेंशन के फार्म भरवाए गए।
कान की मशीनें 337
ट्राई साइकिल 40
व्हील चेयर 40
चश्मे 479
बैसाखी 50
वाकिंग स्टिक 20
कृत्रिम पैर लगाए 110
कृत्रिम हाथ 4
दिव्यांग पेंशन व अन्य योजना 110
कौशल विकास योजना 80
स्वास्थ्य की जांच 200
शिविर में कौशल विकास का भी स्टॉल लगाया गया है। इसमें दिव्यांगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि जल्द केंद्र सरकार प्रदेश में दिव्यांगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।
शिविर में 200 दिव्यांगों के स्वास्थ्य की भी जांच की। ईएनटी, जनरल फिजिशियन, गायिनी डॉक्टरों ने जांच कर जरूरी परामर्श दिया। सहज योग के माध्यम से भी दिव्यांगों को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए। इस दौरान एनआईईपीवीडी (राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून) के जगदीश लखेड़ा, घनश्याम अग्रवाल, दिनेश सी गोयल, गगन ज्योत, शशिकांत, अमृत लाल, आदि लोग उपिस्थित रहे।