खाकी के तेवर: भीड़ के दबाव में अतिथि देवो भवः की परंपरा भूली पुलिस, धक्कामुक्की से भक्त आहत, बिना दर्शन किए लौटे
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केदारनाथ में वीआईपी गेट पर उमड़ी भीड़ में कई साधु-संत भी थे। गेट की सबसे ऊपरी सीढ़ी पर खड़े एक पुलिसकर्मी ने यात्रियों को लाठी दिखाकर पीछे करने का प्रयास किया। इस पर वहां मौजूद एक साधु ने रोष जताते हुए इसे बाबा के भक्तों का अपमान बताया। साधु के गुस्से को देखते हुए आखिरकार पुलिसकर्मी को माफी मांगनी पड़ी।
वहीं, समिति के कुछ कर्मचारी गेट पर मौजूद यात्रियों के साथ धक्कामुक्की करते दिखे। मंदिर समिति के जिन लोगों को बेहतर व्यवस्था का खाका बनाना था, वे भी सीढ़ी पर खड़े होकर तमाशा देखते रहे।
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कपाटोद्घाटन पर वीआईपी गेट पर जो हालात हुए थे, उन्हें नियंत्रित करने के लिए ऐसा मजबूरी में करना पड़ा। हमारा कोई उद्देश्य नहीं है कि किसी की भावना को आहत करें। लेकिन उन हालतों में जिस तरह से भीड़ उमड़ी, उसमें कोई दुर्घटना भी हो सकती थी। यात्रियों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए पुलिस कृतसंकल्प है। भक्तों से विनम्र निवेदन है कि धैर्य एवं संयम के साथ केदारनाथ में बाबा जी के दर्शन करें।
- आयुष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग