साल 2018 में शादियां तो बहुत हुई होंगी, लेकिन इन विदेशियों की शादी सबके लिए नजीर बन गई। इन विदेशियों को भारतीय संस्कृति इतनी भाई कि इन्होंने सात समंदर पार आकर हिंदू रीति रिवाज के साथ साथ फेरे लेकर सात जन्मों का बंधन बांधा। तो चलिए देखते हैं इनकी शादियों की कुछ झलकियां...
इन 6 विदेशियों की शादी बन गई नजीर, चकाचौंध छोड़ हिंदू रीति रिवाज संग लिए सात फेरे, देखिए...
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इटली के जोड़े ने गढ़वाली अंदाज में की शादी
इटली के एक युवा जोड़े स्टेफानो पिपिताने और जूलिया कंग्लारियो ने वैदिक परंपराओं से विवाह किया। भटवाड़ी ब्लॉक के गणेशपुर स्थित आश्रम में हुए इस शादी समारोह में दक्षिण भारत और गढ़वाल की समृद्ध संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां गंगा, योग, आध्यात्म व साहसिक पर्यटन के लिए मशहूर उत्तरकाशी की देव भूमि विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है। गढ़वाली परंपराओं के तहत मंगल स्नान, मेहंदी व महिला संगीत का कार्यक्रम हुआ। ढोल दमाऊं के बीच रातभर सभी लोगों ने रासौं तांदी आदि नृत्य किया। वर पक्ष के लोग बारात लेकर विवाह स्थल पर पहुंचे, जहां वधू पक्ष के लोगों ने बारातियों का पारंपरिक गढ़वाली टोपी पहनाकर स्वागत किया।
इसके बाद मुख्य पंडित व बंगलूरू के संस्कृति कालेज के प्रोफेसर मंजूनाथ भट्ट विनायक ने वरमाला, गुड़जरिका, मंगलसूत्र, कन्यादान आदि दक्षिण भारतीय परंपराओं के साथ विवाह संपन्न कराया। इटली के नवदंपति जूलिया व स्टेफानो का कहना था कि पूरा भारत घूमने के बाद उन्हें दक्षिण भारत में वैदिक संस्कृति व संस्कृत भाषा का सही ज्ञान हुआ। यही कारण रहा कि उन्होंने अपनी शादी गढ़वाल के उत्तरकाशी में करने की सोची और दक्षिण भारत के पुजारियों को बुलाकर सारे रीति रिवाज कराए। हालांकि गढ़वाल के मांगल गीत, महिला संगीत व हल्दी समारोह भी उन्हें बहुत आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि ढोल दमाऊं और रणसिंगे की धुनों में रासौं तांदी करने का अलग ही आनंद था।
अमेरिकन जोड़े ने कुमाऊंनी संस्कृति से रचाया ब्याह
सात समंदर पार जब अपनी दुल्हन को ले जाने घोड़े पर सवार हो कर विदेशी छोरा निकला तो हर कोई देखता रह गया। कुमाऊंनी संस्कृति से प्रभावित होकर अमेरिका के युवक ने सात समंदर पार से सरोवर नगरी नैनीताल में आकर हल्द्वानी की युवती संग सात फेरे लिए। अमेरिका में उच्च पद पर आसीन युवक के साथ 40 विदेशी बाराती भी नैनीताल पहुंचे। विदेशी युवक घोड़े पर सवार होकर गाजे-बाजे के साथ जब नैनीताल की सड़कों पर अपने रिश्तेदारों के साथ निकला तो लोग देखते ही रह गए। हल्द्वानी में बरेली रोड पर स्थित गौजाजाली निवासी शशि कुमार वर्मा सेंचुरी पेपर मिल से सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं।
उनकी बेटी शिम्पी अमेरिका में वार्नर ब्रदर्स (फिल्म बनाने वाली कंपनी) में कार्यरत हैं। वहीं पर उनकी मुलाकात चार्ल्स स्टेनहन और उनकी पत्नी जेनेट के पुत्र जे स्टेनहन से हुई। स्टेहन जीआईएसएफ स्पेशलिस्ट हैं। मुलाकात जब प्रेम में बदली तो दोनों ने विवाह करने का फैसला लिया। दोनों ने फरवरी में अमेरिका में ही एक चर्च में सादे समारोह में विवाह किया लेकिन शिम्पी की इच्छा थी कि वह कुमाऊंनी रीति रिवाज से शादी करे। दुल्हन शिम्पी का कहना था कि आज भले ही वह अमेरिका में रह रही हैं लेकिन अपने जीवन में कुमाऊंनी संस्कृति को हमेशा जीवंत रखेंगी। अमेरिका में बसे अप्रवासी कुमाऊंनी लोगों को भी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रेरित करेंगी।
घूमने आए थे, लेकिन साथ जन्मों के बंधन में बंध गया ऑस्ट्रेलियन कपल
आस्ट्रेलिया से भारत घूमने आए जोड़े को यहां के रीति रिवाज इतने भा गए कि उन्होंने सात जन्मों का बंधन बांध लिया। देखिए...दंपति हिंदू रीति-रिवाज से इतना प्रभावित हुआ कि एक बार फिर इन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचाया। कुजौं-मैकोट क्षेत्र के पौराणिक गणजेश्वर मंदिर में इस विदेशी दंपति ने सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई। आस्ट्रेलिया निवासी पीटर (65) और उनकी पत्नी रोंडा (65) चमोली जिले के भ्रमण पर थे। 14 मार्च को यह विदेशी दंपति गोपेश्वर से चार किलोमीटर दूर रौली गांव पहुंचा। वहां उन्होंने होम स्टे किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात फ्रेनवे ट्रेवल कंपनी की अध्यक्ष पूनम रावत से हुई।
पीटर और रोंडा यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज के साथ पुन: विवाह रचाने की इच्छा जताई। पूनम रावत और उनके परिजनों ने शादी की सभी तैयारियां की। शादी के लिए उन्हें अर्जुन और शर्मिला नाम दिया गया। शुक्रवार को कुजौं-मैकोट क्षेत्र में स्थित गणजेश्वर मंदिर में आस्ट्रेलियन दंपति पीटर और रोंडा का हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। यहां मंत्रोच्चारण के साथ दंपति ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।
वियतनाम से भारत आकर गुरुद्वारे में की शादी
विदेशी लड़की सात संमदर पार कर अपने प्रेमी से शादी रचाने भारत आ गई। यहां बैसाखी पर दोनों एक दूसरे के हो गए। हिंदू युवक ने अपनी वियतनाम निवासी प्रेमिका से हिंदू रीति रिवाज के साथ श्रीहेमकुंड गुरुद्वारे में फेरे लिए और विवाह बंधन में बंध गए। तीर्थनगरी निवासी अंकित गुलाटी ने वियतनाम निवासी हिटन से हिंदू रीति -रिवाज के साथ लक्ष्मणझूला रोड स्थित गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में विवाह रचाया था।
अंकित गुलाटी वियतनाम की एक कंपनी में फिटनेस क्लर्क के पद पर कार्यरत है। जहां चार साल पहले उसकी मुलाकात बैंक में कार्यरत युवती हिटन से हो गई।यह मुलाकात धीरे- धीरे प्रेम प्रसंग में बदल गई और उन्होंने एक -दूसरे के साथ विवाह बंधन में बंधने का निर्णय ले लिया। दोनों ने भारत पहुंचकर बीते दिवस स्थानीय हेमकुंड गुरुद्वारे में फेरे लेकर विवाह रचाया।