गणेश चतुर्थी की शुरुआत इस बार13 सितंबर से हो रही है। यह 23 सितंबर तक चलेगी। भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतर्दर्शी तक यानी दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में अगर आप भी बप्पा की मूर्ति घर लाकर स्थापना कर रहे हैं तो राशि के अनुसार मूर्ति लाएं। बप्पा आपकी किस्मत बदल देंगे।
गणेश चतुर्थी 2018: राशि के अनुसार घर लाएं बप्पा की मूर्ति, खुल जाएगी किस्मत, ये है शुभ मुहूर्त
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतराम के अनुसार, गणपति की कृपा साल भर पाने के लिए लोग घर में गणपति को स्थापित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणेश भगवान कैलाश पर्वत छोड़कर धरती पर सिर्फ इसलिए आते हैं जिससे वह अपने भक्तों को आशीर्वाद दे सकें। इन 10 दिनों बप्पा धरती पर निवास करते हैं। ऐसे में शुभ मुहूर्त और विधि विधान से उनका पूजन करें।
मेष राशि: इस राशि के जातक बप्पा की रक्त वर्ण या लाल रंग की मूर्ति घर लाएं। साथ ही लड्डू का भोग लगाएं।
वृश्चिक राशि: इस राशि के जातक मूंगे के गणेश जी घर लाएं। न हो तो सिन्दूर वर्ण की गणेश प्रतिमा घर लाएं। नैवेद्य और मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं।
वृषभ राशि: इस राशि के लोग अपने घर सफेद रंग के गणेश जी लाएं और मोदक से भोग लगाएं। इससे घर में सुख शांति रहेगी।
तुला राशि- इस राशि के जातकों को क्रीम रंग की गणेश प्रतिमा घर लानी चाहिए। साथ ही पीली रंग की बूंदी से भोग लगाएं।
मिथुन राशि: इस राशि के लोग हल्के भूरे या हरे रंग की गणेश प्रतिमा को लाएं। ध्यान रहे इस पर नग जड़े हों तो और भी बेहतर रहेगा। मोदक का भोग लगाएं।
कन्या राशि- इस राशि वालों को मरगज के गणेश प्रतिमा लानी चाहिए। न ला पाएं तो हल्के हरे वर्ण के गणेश मूर्ति लानी चाहिए। नारंगी रंग के लड्डू का भोग लगाएं।
सिंह राशि: इस राशि के जातक को भी हल्के लाल रंग के गणेश जी लाने चाहिए। बूंदी के लड्डू का नैवेद्य लगाकर भोग लगाएं।
कर्क राशि: इस राशि के जातकों को दूधिया रंग के श्वेतार्क के गणेशजी की प्रतिमा लाएं। न हो पाए तो पार्थिव गणेश बनाकर मोतीचूर के लड्डू से भोग लगाएं।
धनु राशि: इस राशि के जातक पीले रंग की गणेश प्रतिमा लाएं। इसके बाद पीले रंग के फूलों से सजाएं। वहीं पीले रंग के लड्डू से ही भोग लगाएं।