हाल ही में रिलीज हुई हिंदी फिल्म ‘लैला मजनू’ से मशहूर हुईं अभिनेत्री लैला तृप्ति डिमरी अपने पैतृक गांव नाग (रुद्रप्रयाग) पहुंची हैं। यहां उनका लोगों ने स्वागत किया। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककोड़ाखाल में आयोजित समारोह में विधायक भरत सिंह चौधरी ने सम्मानित किया। तृप्ति ने कहा कि उत्तराखंड हिंदी फिल्मों के निदेशकों की पसंद बनता जा रहा है। आगे की फिल्मों की शूटिंग के लिए यहां के रमणीक स्थलों को चुनने का प्रयास किया जाएगा।
बॉलीवुड में आने से पहले रामलीला में काम करती थीं ये खूबसूरत एक्ट्रेस, पिता ने खोले कई राज
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तृप्ति ने बताया कि हिंदी फिल्म ‘लैला मजनू’ के लिए वर्ष 2016 में हुए ऑडिशन में रिजेक्ट हो गई थी, लेकिन कुछ समय बाद मुंबई में हुए दूसरे ऑडिशन में चयन हो गया। दिल्ली में बसे तृप्ति के पिता दिनेश प्रसाद डिमरी और मां मीनाक्षी डिमरी बताती हैं कि तृप्ति बचपन से रामलीला और रंगमंच से जुड़ी रहीं। इसके बाद मॉडलिंग भी की। फिल्मी ‘लैला’ को वास्तविक, मिलनसार और सरल अंदाज में अपने बीच पाकर क्षेत्रवासी गदगद नजर आए।
उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि वह चार साल बाद गांव आई हैं। यहां के परंपरागत व्यंजन खासकर फॅाणू पसंद है। तृप्ति अभी कुछ दिन गांव में ही रुकेंगी। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान राजबर सिंह राणा, प्रधानाध्यापक एमडी आर्य, शैलेंद्र सिंह भंडारी, बीरेंद्र सिंह नेगी, शंभू प्रसाद डिमरी सहित नाग, ककोड़ाखाल, सिंद्रवाडी, डांग और सारी आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।