उत्तराखंड के पौड़ी जिले में हुए दर्दनाक बस हादसे में करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है। बरातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। लेकिन हादसा होता देख वहां मौजूद लोग खाई में गिरने का डर भूल नीचे उतर गए और कई जिंदगियां बचाई।
Pauri Bus Accident: हरिद्वार से लेकर जा रहे थे बरात, दुल्हन के घर से कुछ दूरी पर ही हुआ हादसा, मच गई चीख पुकार
बस में 45 से अधिक लोग सवार थे। बस जिस स्थान पर खाई में गिरी है, वहां नीचे पूर्वी नयार नदी बह रही है। कुछ लोगों के नदी में भी बहने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण लोगों ने मोबाइल की रोशनी में ही बचाव अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर 18 लोगों को खाई से निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी
- फोटो : अमर उजाला
धुमाकोट थानाध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया कि कांडा मल्ला निवासी एक युवती का विवाह लालढांग निवासी संदीप के साथ तय हुआ था। मंगलवार को लालढांग से बरात दुल्हन लेने कांडा मल्ला गांव जा रही थी। शाम सात बजे करीब बस सिमड़ी स्कूल और घिरौली गांव के बीच अनियंत्रित होकर पूर्वी नयार नदी घाटी में जा गिरी।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी
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बस की लाइट अचानक बंद होने पर घटनास्थल के पास के गांवों के लोगों ने ग्रामीणों को फोन से घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कोटद्वार के सीओ जीएल कोहली के नेतृत्व में कोटद्वार से भी पुलिस टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी
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उधर, दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से दूल्हे के गांव में कोहराम मच गया। परिवार के लोग बरात में गए लोगों से फोन पर संपर्क करते रहे। लेकिन हताहत लोगों की सही जानकारी नहीं मिल पाई। रात में ही गांव में दूल्हे के घर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई बरातियों की कुशलता की कामना करता रहा।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी
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वहीं, दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात अधिकारियों से दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। पौड़ी के जिलाधिकारी से फोन पर बात की और उन्हें पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचा करने के निर्देश दिए।