उत्तराखंड के चमोली जिले के पडेर गांव में रातभर हुई बारिश के बीच तड़के तीन बजे देवेश्वरी देवी घर से बाहर निकलीं और गांव के समीप उफनाते नाले को देखकर किसी अनहोनी को लेकर आशंकित हो गईं। वह फिर से कमरे में गईं और उसने अपने पति और बेटी को नींद से जगाया और घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले जाने के लिए कहा।
चमोली आपदा: परिवार को बचाकर खुद मौत के मुंह में समा गईं देवेश्वरी, पलक झपकते ही मलबे में तब्दील हुआ घर
प्रमोद सेमवाल, अमर उजाला, गोपेश्वर
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 29 Jul 2020 09:48 AM IST
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