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भजनपुरा हत्याकांडः रिश्तेदारों के साथ दुखी होने का नाटक करता रहा हत्यारा प्रभुनाथ, ऐसे खुली पोल

Thu, 13 Feb 2020 10:42 PM IST
Vikas Kumar शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 13 Feb 2020 10:42 PM IST
सार

-दिनभर रिश्तेदारों के साथ रहा प्रभुनाथ, शाम होते ही चुपचाप निकल गया
-वारदात के अगले ही दिन प्रभुनाथ ने बदल लिया था अपना मकान

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Bhajanpura massacre: killer Prabhunath pretending to be miserable with relatives
भजनपुरा हत्याकांड का आरोपी प्रभुनाथ - फोटो : Amar Ujala

भजनपुरा में शंभू चौधरी और उसके परिवार की हत्या की सूचना जैसे ही रिश्तेदारों को पता चली, तो सभी उसके घर पहुंच गए। शंभू के करीबी रिश्तेदार प्रभुनाथ को भी फोन कर सूचना दी गई। खबर मिलते ही प्रभुनाथ दोपहर 12 बजे पहुंच गया। वहां रोकर दुखी होने का नाटक करता रहा। दिनभर रिश्तेदारों के साथ रहा। 


 

Bhajanpura massacre: killer Prabhunath pretending to be miserable with relatives
शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

शाम को जब पुलिस ने शव घर से निकालकर अस्पताल पहुंचवाए, तो वह भी वहां से खिसक गया, लेकिन पुलिस ने जब छानबीन की, तो प्रभुनाथ पर ही शक हुआ। कार्रवाई कर पुलिस ने बुधवार देर रात उसे दबोच लिया। बाद में पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात कुबूल कर ली।

Bhajanpura massacre: killer Prabhunath pretending to be miserable with relatives
शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

आरोपी प्रभुनाथ ने बताया कि वारदात वाले दिन उसने शंभू को शराब पिलाकर खुद बियर पी थी। उसे पता था कि अगर उसने खुद शराब पी तो उसे नशा हो जाएगा। ऐसे में वह शंभू को नहीं मार पाएगा। हत्या करने के बाद देर रात वह अपने घर पहुंचा और पूरी रात नहीं सोया। सुबह उसने पत्नी से किसी दूसरे घर में शिफ्ट होने के लिए कहा। दिन में ही उसने भजनपुरा इलाके में दूसरा किराये का मकान ले लिया। 

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Bhajanpura massacre: killer Prabhunath pretending to be miserable with relatives
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : Amar Ujala

हत्याकांड के बाद वह बुरी तरह बेचैन रहा। 9 दिन बाद जब लोगों को हत्याकांड का पता चला तो प्रभुनाथ की धड़कन बढ़ गई। वह डरता हुआ शंभू के घर पहुंच गया और दुखी होने का नाटक करने लगा। शाम को पुलिस ने उसे दबोचकर हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठा दिया।

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Bhajanpura massacre: killer Prabhunath pretending to be miserable with relatives
शवों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

क्या है मामला
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस भीतर पहुंची तो दंपती और उनके तीन बच्चों के 6-7 दिन पुराने बुरी तरह सड़े-गले शव मिले।

इनकी शिनाख्त शंभूनाथ चौधरी (43), पत्नी सुनीता (37), बेटे शिवम कुमार (17), सचिन (14) और बेटी कोमल (12) के रूप में हुई। दंपती का शव एक कमरे से मिला, जबकि तीनों बच्चों के शव दूसरे कमरेभजनपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस की मानें तो मृतक शंभू के फुफेरे भाई प्रभुनाथ चौधरी ने महज 30 हजार रुपये के लिए शंभू और उसके पूरे परिवार की हत्या कर दी। शंभू से उसने 30 हजार रुपये ले रखे थे, लेकिन वह रुपये वापस नहीं कर पा रहा था। पुलिस ने हत्याकांड का राज खोलते हुए आरोपी प्रभुनाथ (26) को गिरफ्तार कर लिया है।

तीन फरवरी को प्रभुनाथ ने शंभू के घर पहुंचकर पहले उसकी पत्नी सुनीता का नोकझोंक के बाद गला घोटा, बाद में उसके सिर पर रॉड से वार कर दिया। इसके बाद बेटी कोमल, बेटे शिवम और सचिन को मौत के घाट उतार दिया। चार घंटे घर में बिताने के बाद उसने शंभू को फोन कर गामड़ी गांव बुलाया। वहां दोनों ने शराब पी और रात 11 बजे उसे भी घर लेकर पहुंचा, वहां उसकी भी हत्या कर दी। बाद में आरोपी घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हत्याकांड से पर्दा उठाया।

संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह भजनपुरा की गली नंबर-11 में पुलिस को शंभू, पत्नी सुनीता, तीन बच्चे शिवम, सचिन व कोमल के शव बरामद हुए थे। शव इतनी सड़ी-गली हालत में थे कि उनकी मौत की वजह पता नहीं चल पा रही थी। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। स्थानीय पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया। इंस्पेक्टर विनय यादव की टीम ने भी पड़ताल शुरू की। 

टीम ने शंभू के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाया, तो उस पर आखिरी कॉल शंभू के फुफेरे भाई प्रभुनाथ की थी। इसके अलावा गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो तीन फरवरी को दोपहर 3.30 बजे प्रभुनाथ को घर में घुसते हुए और शाम 7 बजे निकलते देखा गया। बाद में रात को दोबारा 11 बजे शंभू के साथ आता फुटेज में देखा गया। पुलिस ने शक के आधार पर प्रभुनाथ को बुलाया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने लगा लगा, लेकिन बाद में उसने हत्या की बात कुबूल कर ली। 

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