राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की जांच जारी है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम घटनास्थल पर साक्ष्य जुटा रही है। गुरुवार को जांच के दौरान टीम को एक व्यक्ति का कटा हुआ हाथ मिला है। जहां यह हाथ मिला है वो विस्फोट स्थल से करीब 300 मीटर दूर बताया जा रहा है।
दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई है। एक घायल ने गुरुवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अभी करीब 20 घायलों को इलाज जारी है।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच के लिए जाती टीम
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सोमवार शाम को 6.52 बजे हुआ कार बम विस्फोट इतना भयानक था कि एक व्यक्ति का कटा हुआ हाथ बहुत दूर जाकर गिरा। शरीर का यह कटा गुरुवार को बरामद हुआ।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद मौके पर तैनात पुलिसबल
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लाल किला कॉरिडोर के सामने स्थित लाजपत राय मार्केट के पास बने शौचालय की छत से एक हाथ मिला है। कटे हाथ को क्राइम और फोरेंसिक साइंस की टीम ने कब्जे में ले लिया है। उसे मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद वाहन के पुर्जे को लेकर जाता पुलिसकर्मी
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ब्लास्ट वेव से फटे कान के पर्दे, फेफड़े और आंत
आपको बता दें कि लाल किले के पास हुए धमाके की तीव्रता इतनी अधिक रही कि ब्लास्ट वेव से कई लोगों के कान के पर्दे, फेफड़े और आंतें फट गईं। कुछ शवों में फेफड़ों, कान और पेट के भीतर ब्लास्ट वेव से नुकसान के संकेत मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि धमाका अत्यंत नजदीक से हुआ। किसी भी विस्फोट के समय अत्यधिक दाब और तापमान से उत्पन्न गैसीय लहर को ब्लास्ट वेव कहते हैं। इससे पता लगता है कि बम धमाका कितना भीषण था।
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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन
- फोटो : पीटीआई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि कई लोगों की मौत के पीछे की वजह धमाके की वजह से लगी गहरी चोट और अत्यधिक खून का बहाना रही। इस दौरान क्रॉस इंजरी पैटर्न भी देखा गया। धमाके के झटके से लोग दीवार या जमीन से टकरा गए। अधिकतर शवों में चोटें ऊपरी शरीर, सिर या छाती पर लगी थी।