सब्सक्राइब करें

निकिता तोमर हत्याकांड: पिता की नौकरी तो भाई की पढ़ाई छूटी, आर्थिक संकट के बाद भी इंसाफ मांग रहा परिवार

अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 26 Oct 2021 12:31 PM IST
विज्ञापन
Nikita murder case One year completed Brother education and house installment are at stake government had also refused to lobby in the court
nikita tomar case - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद के चर्चित निकिता तोमर हत्याकांड को सोमवार को एक साल पूरा हो गया है। 26 अक्तूबर साल 2020 में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा की उसके कॉलेज के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साल भर बीत जाने के बाद केस सेशन कोर्ट से अब हाईकोर्ट में पहुंच गया है। सेशन कोर्ट ने सोहना निवासी रेहान और तौसीफ को हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।


भाई की पढ़ाई और मकान की किस्त दांव पर लगी
पिता मूलचंद तोमर का कहना है कि इस घटना ने उनके परिवार की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। घटना के समय निकिता का भाई नवीन तोमर दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पिता नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करते थे। घटना के बाद पिता की नौकरी छूट गई और भाई नवीन भी केस लड़ने के लिए अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया।
Trending Videos
Nikita murder case One year completed Brother education and house installment are at stake government had also refused to lobby in the court
nikita murder case - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना मकान किस्तों पर लिया था। घटना के बाद से केस में इतना खर्च हो गया कि किस्त भरने के लिए भी रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ा। उनका कहना है कि वे अपने रिश्तेदारों और भाई बंधुओं से उधार आदि लेकर केस लड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Nikita murder case One year completed Brother education and house installment are at stake government had also refused to lobby in the court
आरोपी तौसीफ और निकिता - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा का दावा, लेकिन आज तक नहीं मिला लाइसेंस
हत्या के तुरंत बाद उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। उस समय तत्कालीन पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने बड़े जोर शोर से पीड़ित परिवार की सुरक्षा का दावा किया और पिता मूलचंद, भाई नवीन और मामा हाकिम सिंह को हथियार का लाइसेंस देने की बात कही थी। मूलचंद तोमर का कहना है कि आज तक उन्हें और हाकिम सिंह को हथियार का लाइसेंस नहीं दिया गया है।
Nikita murder case One year completed Brother education and house installment are at stake government had also refused to lobby in the court
nikita murder case - फोटो : अमर उजाला
इसके लिए उन्होंने एक महीने की ट्रेनिंग में पैसा भी खर्च किया। कई महीनों तक थाने और पुलिस आयुक्त कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सेशन कोर्ट का फैसला आने के 10 दिन बाद उनकी सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी भी हटा लिए गए। 
 
विज्ञापन
Nikita murder case One year completed Brother education and house installment are at stake government had also refused to lobby in the court
निकिता के परिजनों से मिलती हुई कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला
वादे करने सभी आए, मदद के लिए कोई नहीं
हत्याकांड के एक साल बाद भी निकिता का परिवार सरकार के वादों के पूरा होने की बाट जोह रहा है। निकिता के पिता के मुताबिक केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने वादा किया था कि निकिता के नाम पर ऊंचा गांव चुंगी पर एक द्वार बनाया जाएगा। एक कॉलेज नामकरण भी उसके नाम पर होगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed