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सामूहिक खुदकुशी मामले में नया खुलासा: पिता बोले- तीन साल से खेल रही थीं टास्क गेम, कोरिया जाने की करती थीं जिद

माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद (गाजियाबाद) Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 04 Feb 2026 11:12 PM IST
सार

पिता ने दावा किया है कि उनकी तीनों बेटियां तीन साल से ऐसे गेम खेल रही थीं और कोरिया जाने की जिद कर रही थीं। स्कूल में फेल होने के कारण शर्मिंदा होकर बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी थी और मोबाइल पर गेम खेलने लगी थीं।

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Ghaziabad suicide case Father said she was playing task game for three years
गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला

भले ही पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम की बात सामने न आई हो, लेकिन पिता चेतन कुमार का कहना है कि तीनों किशोरियां तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियां कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बेटियों को समझाकर शांत कराया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद तीनों नाबालिग बहनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट ले जाया गया।

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Ghaziabad suicide case Father said she was playing task game for three years
गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला

पत्रकारों से बातचीत में चेतन ने बताया कि उनकी तीनों बेटियां स्कूल नहीं जा रही थीं। पूर्व में फेल होने की वजह से शर्म के चलते बेटियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसके बाद वह मोबाइल में कोरियन टास्क गेम खेलने लगीं। बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची तो उन्होंने मोबाइल में गेमिंग एप देखे।

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Ghaziabad suicide case Father said she was playing task game for three years
Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : अमर उजाला

पिता के अनुसार, हादसे से पहले भी बेटियों के पास मोबाइल था। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह गेम खेल रही थीं या कुछ और कर रही थीं।

Ghaziabad suicide case Father said she was playing task game for three years
Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : अमर उजाला

प्राची थी लीडर
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों बहनें एकराय होकर रहती थीं। 14 वर्षीय प्राची लीडर थी। वही तय करती थी कि तीनों को क्या करना है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीनों बहने एक साथ दैनिक कार्य करती थीं, चाहें वह नहाना हो या फिर खाना खाना। तीनों हर वक्त साथ रहती थीं और जिद्दी स्वभाव की थीं।

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Ghaziabad suicide case Father said she was playing task game for three years
ghaziabad suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

दरवाजा खुला होता तो बचा लेती जान
सुजाता ने बताया कि तीनों बेटियों ने कमरा अंदर से बंद कर लिया था। दरवाजा बंद होने की आवाज आई और उन्हें अपना फोन पास में नहीं मिला तो वह बाहर पहुंचीं। पहले उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। जब सफल नहीं हुईं तो चेतन को बुलाया। रूंधी आवाज में उन्होंने बताया कि दरवाजा खुला होता तो बच्चियों को बचा लेतीं।

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