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खोड़ा पांच मंजिला इमारत अग्निकांड: माता-पिता के बाद बेटी की भी मौत, पैर में था फ्रेक्चर इसलिए न भाग सकी नीतू

संवाद न्यूज एजेंसी, खोड़ा (गाजियाबाद) Published by: विकास कुमार Updated Sat, 07 Mar 2026 10:26 PM IST
सार

संगम विहार में तीन मार्च की रात में पांच मंजिला इमारत में आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाकर 200 से ज्यादा लोगों को इमारत से रेस्क्यू किया था। इनमें से 22 लोगों को दम घुटने के कारण एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के अस्पतालों में भेजा गया था। मूलरूप से गोपालगंज बिहार निवासी राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी मीना और बेटी नीतू (26) की मौत हो गई।

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Khoda five-story building fire Daughter dies after parents
इसी इमारत में लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला

यूपी के गाजियाबाद स्थित संगम विहार स्थित पांच मंजिला इमारत में आग में धुएं से बेसुध हुई नीतू (26) की चार दिन उपचार के बाद मौत हो गई। इसी घटना में युवती के माता-पिता की भी मौत हो चुकी है। हालांकि युवती और उनके माता-पिता की मौत दम घुटने से हुई या अन्य कारण है। इसका पता पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। युवती का भाई भी अभी अस्पताल में इलाजरत है। उधर, इस घटना में प्रभावित ज्यादातर लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। हालांकि वीभत्स दुर्घटना के बावजूद अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

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Khoda five-story building fire Daughter dies after parents
जले वाहन - फोटो : अमर उजाला

हालात हुए और बदतर
माता-पिता की मौत के बाद परिवार पहले ही टूट गया था अब नीतू के जाने के बाद हालात और भी बदतर हो गए है। जबकि उनके एक भाई अभी भी अस्पताल में दाखिल है। पुलिस का कहना है कि संभावना है कि राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी मीना की मौत दम घुटने से हुई हो, इसी तरह नीतू की भी मौत की संभावना दम घुटने से है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही असल कारण का पता चल सकेगा।

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जले वाहन - फोटो : अमर उजाला

पहले फ्लोर पर था राजेंद्र प्रसाद का फ्लैट
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद का प्रथम तल पर फ्लैट था और आगे ने सबसे पहले उन्हीं के घर को घेरा था। नीतू के पैर में चोट लगने के कारण फ्रेक्चर था और धुएं में न तो माता-पिता को बचा पाई और न ही स्वयं बचाव कर सकी। अभी तक माता-पिता का सिर से हाथ हट गया था। अब बड़ी बहन भी छोड़कर चली गई। तीनों बहन-भाइयों की देख रेख कौन करेगा। निवासियों की जुबा पर बस यही बात है।

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जले वाहन - फोटो : अमर उजाला

केस दर्ज करने से आखिर क्यों बच रही है पुलिस?
आग हादसे में दंपती और उनकी बेटी की मौत के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। हालांकि अभी किसी की ओर से शिकायत नहीं दी है, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग को अपनी ओर से केस दर्ज कराकर बिल्डर समेत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। घटना के बाद से दमकल विभाग और पीडब्ल्यूडी ने 43 परिवारों से पूरा परिसर खाली करा दिया है, लेकिन उनकी सुध लेने अभी तक कोई नहीं पहुंचा है।

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सामान लेकर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला

यह था मामला
संगम विहार में तीन मार्च की रात में पांच मंजिला इमारत में आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाकर 200 से ज्यादा लोगों को इमारत से रेस्क्यू किया था। इनमें से 22 लोगों को दम घुटने के कारण एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के अस्पतालों में भेजा गया था। मूलरूप से गोपालगंज बिहार निवासी राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी मीना और बेटी नीतू (26) की मौत हो गई। एसीपी इंदिरापुरम ने नीतू की मौत की पुष्टि की है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अब पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज करवाते हुए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

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