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20 साल में पांच हत्या: छह महीने पहले रची थी रेशू के कत्ल की साजिश, लीलू ने फोन कर गांव के बाहर बुलाया, चलती कार में दी खौफनाक मौत
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 24 Sep 2021 10:14 AM IST
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ghaziabad murder case
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद जिले के मुरादनगर के गांव बसंतपुर सैंथली के शातिर किसान लीलू त्यागी ने 20 साल में एक-एक कर पांच परिजनों की जान ले ली। चार करोड़ की संपत्ति के लिए उसने रिश्तों का खून इतनी सफाई से किया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। लेकिन पांचवीं हत्या में की गई थोड़ी सी चूक ने उसकी करतूत उजागर कर दी। 8 अगस्त को रेशू के लापता होने के बाद लीलू उसके पिता ब्रिजेश के साथ उसकी खोजबीन का नाटक करता रहा। उसने रेशू पर भी आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए कहीं चले जाने का हवाला देते हुए मामले को पुलिस में न ले जाने की दलील दी। परिजन उसकी बातों में आ गए थे, लेकिन दूसरे व आखिरी बेटे के लापता होने से आहत ब्रिजेश त्यागी ने आखिरकार 15 अगस्त को मुरादनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने खूब हाथ-पांव पीटे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार तक पुलिस के पास सिर्फ लीलू और उसके मृतक भतीजे की एक ही स्थान पर लोकेशन के अलावा कोई दूसरा क्लू नहीं था। साक्ष्य न होने के चलते पुलिस भी हत्या का एंगल छोड़ने वाली ही थी कि एक कॉल रिकॉर्डिंग ने लीलू की साजिश बेनकाब कर दी। आपको बता दें कि आरोपी लीलू ने पहले भाई और फिर भतीजी और भतीजों को मारा। मृतकों में भाई सुधीर, बड़ी भतीजी पारुल, छोटी भतीजी पायल, भतीजा नीशू और रेशू त्यागी शामिल हैं।
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रेशू त्यागी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, भाई, भतीजियों और छोटे भतीजे की हत्या के बाद लीलू की राह में इकलौता रोड़ा रेशू बचा हुआ था। संपत्ति के लालच में उसे भी मौत के घाट उतारने की योजना बनाई। इसके लिए करीब छह महीने पहले उसने हापुड़ के नंगौला निवासी अपने रिश्ते के बहनोई व रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र त्यागी से संपर्क किया।
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निशू त्यागी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अन्य आरोपी घटना के षड्यंत्र में शामिल हुए। योजना के मुताबिक रेशू की हत्या की तारीख 8 अगस्त निर्धारित की गई। लीलू ने फोन करके रेशू को गांव के बाहर बुलाया और घूमने चलने की बात कहकर कार में बैठा लिया।
हत्यारोपी रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर में तैनाती के दौरान सुरेंद्र की विक्रांत से हुई थी मुलाकात
सुरेंद्र यूपी पुलिस का रिटायर्ड दरोगा है। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान उसकी मुलाकात विक्रांत से हुई। 4 लाख में रेशू की हत्या की सुपारी लेने के बाद सुरेंद्र ने डेढ़ लाख में विक्रांत को सुपारी दे दी। 8 अगस्त को विक्रांत ही अपनी आई-20 कार लेकर बसंतपुर सैंतली आया। कार में विक्रांत के अलावा उसका भांजा मुकेश, सुरेंद्र और उसका नौकर राहुल तथा लीलू भी मौजूद था। लीलू ने फोन करके रेशू को गांव के बाहर बुलाया और साथ बैठा लिया। इसके बाद उसकी चलती कार में हत्या कर दी थी।
सुरेंद्र यूपी पुलिस का रिटायर्ड दरोगा है। बुलंदशहर में तैनाती के दौरान उसकी मुलाकात विक्रांत से हुई। 4 लाख में रेशू की हत्या की सुपारी लेने के बाद सुरेंद्र ने डेढ़ लाख में विक्रांत को सुपारी दे दी। 8 अगस्त को विक्रांत ही अपनी आई-20 कार लेकर बसंतपुर सैंतली आया। कार में विक्रांत के अलावा उसका भांजा मुकेश, सुरेंद्र और उसका नौकर राहुल तथा लीलू भी मौजूद था। लीलू ने फोन करके रेशू को गांव के बाहर बुलाया और साथ बैठा लिया। इसके बाद उसकी चलती कार में हत्या कर दी थी।
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आरोपी राहुल
- फोटो : अमर उजाला
चलती कार में हत्या, जंगल में शव डिग्गी में डाला
मुरादनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि योजना के मुताबिक विक्रांत, सुरेंद्र, राहुल और मुकेश ने चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर रेशू की हत्या कर दी। कुछ देर तक वह उसे सीट पर मृत बैठाकर बुलंदशहर की तरफ चल पड़े। पकड़े जाने के डर से गाड़ी जंगल में ले जाकर शव डिग्गी में डाल लिया और बुलंदशहर पहुंच गए।
मुरादनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि योजना के मुताबिक विक्रांत, सुरेंद्र, राहुल और मुकेश ने चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर रेशू की हत्या कर दी। कुछ देर तक वह उसे सीट पर मृत बैठाकर बुलंदशहर की तरफ चल पड़े। पकड़े जाने के डर से गाड़ी जंगल में ले जाकर शव डिग्गी में डाल लिया और बुलंदशहर पहुंच गए।
