अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) के पैलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती गाजियाबाद के हरीश राणा की आखिर 10 दिन बाद निधन हो गया। वह 14 मार्च को एम्स में एडमिट किए गए थे और तब से ही डॉक्टर उनके लाइफ स्पोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटा रहे थे। बीते करीब एक हफ्ते से तो उन्हें खाना-पानी भी नहीं दिया जा रहा था। इस दौरान केवल हरीश को दर्द और मानसिक तकलीफ से राहत देने के लिए दवाएं दी जा रही थीं।
13 साल की जंग खत्म: देश में पहली बार किसी ने पाई इच्छामृत्यु, एम्स के डॉक्टरों ने ऐसे दूर की हरीश की तकलीफ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विकास कुमार
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:03 PM IST
सार
Harish Rana Death: एम्स की मेडिकल टीम ने हरीश राणा के माता-पिता की काउंसलिंग भी की है, ताकि वे इस कठिन समय में मानसिक रूप से मजबूत रह सकें।
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