फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ritu Karidhal: चंद्रयान-3 ही नहीं ISRO के इन मिशन में काम कर चुकी हैं रितु, जानें रॉकेट वूमन के बारे में सबकुछ

Fri, 14 Jul 2023 03:39 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 14 Jul 2023 03:39 PM IST
विज्ञापन
Know who is ritu karidhal Not only Chandrayaan 3 she has worked in these missions of ISRO
रितु कारिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Youtube

भारत के तीसरे चंद्र मिशन 'चंद्रयान-3' (Chandrayaan-3) को लॉन्च कर दिया गया है। चंद्रयान-3 ने दोपहर 2:35 बजे चंद्रमा की ओर उड़ान भरी। यह अभियान उत्तर प्रदेश के लखनऊ के लिए इसलिए और खास है, क्योंकि भारत की 'रॉकेट वूमन' के नाम से मशहूर लखनऊ की बेटी डॉ. रितु कारिधाल के इशारे पर चंद्रयान-3 श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ। वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक डॉ. रितु चंद्रयान-3 की मिशन डायरेक्टर हैं। आइए विस्तार से जानते हैं डॉ. रितु कारिधाल के इसरो में योगदान और उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में। 

Know who is ritu karidhal Not only Chandrayaan 3 she has worked in these missions of ISRO
रितु कारिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Youtube

मंगलयान और चंद्रयान-दो में भी रहा डॉ. रितु का योगदान 
इसरो से मिली जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 की लैंडिंग की जिम्मेदारी इस बार वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक डॉ. रितु को सौंपी गई है और वह चंद्रयान-3 की मिशन डायरेक्टर हैं। अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी. वीरा मुथुवेल हैं। इसके पहले डॉ. रितु मंगलयान की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर और चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर रह चुकी हैं। इस बार चंद्रयान-3 में ऑर्बिटर नहीं बल्कि एक प्रोपल्शन मॉड्यूल है, जो किसी संचार उपग्रह की तरह काम करेगा।

Know who is ritu karidhal Not only Chandrayaan 3 she has worked in these missions of ISRO
रितु कारिधाल श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में ही डॉ. रितु का हुआ पालन-पोषण
रितु कारिधाल का पालन-पोषण लखनऊ के ही मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ है। उन्होंने नवयुग गर्ल्स कॉलेज से इंटर करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां उन्होंने फिजिक्स से ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद रितु ने GATE पास कर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस (IISc) बेंगलुरु में दाखिला लिया। यहां रितु ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिग्री ली।  डॉ. करिधाल ने नवंबर 1997 से इंजीनियर के तौर पर इसरो में काम करना शुरू किया। इतना ही नहीं यूजी व पीजी के बाद रितु ने लखनऊ विश्वविद्यालय से ही फिजिक्स में पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। उन्हें अपने ही विभाग में पढ़ाने का मौका भी मिला। लेकिन उन्हें पीएचडी करते हुए छह महीने ही हुए थे कि उन्होंने गेट (GATE) क्वालिफाई कर लिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Know who is ritu karidhal Not only Chandrayaan 3 she has worked in these missions of ISRO
रितु कारिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Facebook

बचपन से थी चांद-सितारों में दिलचस्पी
डॉ. रितु कारिधाल का जन्म 1975 में लखनऊ के मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से उन्हें चांद-सितारों और आसमान में दिलचस्पी थी। इसरो और नासा से संबंधित समाचार पत्रों के लेख, जानकारी और तस्वीरें इकट्ठा करना उनका शौक था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिकी में एससी और एमएससी की पढ़ाई की। 

विज्ञापन
Know who is ritu karidhal Not only Chandrayaan 3 she has worked in these missions of ISRO
रितु कारिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Ted.com

माता-पिता के बाद रितु ने ही छोटे भाई-बहन का रखा ख्याल
रितु लखनऊ में राजाजीपुरम की रहने वाली हैं। माता-पिता का निधन हो चुका है। माता-पिता के बाद रितु ने ही अपने छोटे भाई-बहन का ख्याल रखा। रितु के दो बच्चे भी हैं जिनका वह अच्छी तरह ध्यान रखती हैं। मिशन चंद्रयान-2 की लॉचिंग के समय रितु के भाई रोहित ने कहा था कि हमें नाज है अपनी बहन पर। रितु निजी जीवन में जितनी पारंपरिक है, काम के मामले में उतनी ही प्रोफेशनल। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed