बेकसूर हेमा चौधरी की प्रेमी अजय संग मिलकर हत्या कर खुद की मौत का स्वांग रचने वाली पायल भाटी की खूनी साजिश का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा किया। माता-पिता की मौत और इसके जिम्मेदारों की गिरफ्तारी नहीं होने से आर्मी में भर्ती का ख्वाब देखने वाली पायल ने बदला लेने की ठान ली थी। उसने कुबूल है और अन्य कई क्राइम सीरियल देखकर खुद को कानून के शिकंजे से बचने की जानकारी जुटाकर सीरियल किलिंग की साजिश रच दी।
पायल ने रची थी सीरियल किलिंग की साजिश: बेकसूर हेमा को मारा, चार की हत्या कर प्रेमी की भी जान लेने का था इरादा
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पायल फेसबुक फ्रेंड अजय को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही थी। हेमा की अजय संग मिलकर हत्या के बाद वह अपने माता-पिता की मौत के जिम्मेदारों की अजय की मदद से हत्या करने के प्रयास में जुटी थी। वह अपने खिलाफ कोई सबूत नहीं छोड़ना चाहती थी, इसलिए अजय को भी मौत के घाट उतरने की योजना उसके दिमाग में थी।
पायल भाटी और अजय ठाकुर को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे व निशानदेही पर पुलिस ने हेमा की घड़ी, चार्जर, बैग, कपड़े, हेयर क्लिप, पायल-अजय का मैरिज सार्टिफिकेट, चाकू और तमंचा भी बरामद किया। एडिशनल डीसीपी सेंट्रल जोन साद मियां खान ने शुकेवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि 12 नवंबर को हेमा चौधरी लापता हुई थी। 15 नवंबर को हेमा की मां ममतेश की तहरीर पर बिसरख कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी। अंतिम बार हेमा की बात सिकंदराबाद के महेपा जागीर निवासी अजय ठाकुर से हुई थी। बृहस्पतिवार को बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल राजपूत की टीम ने चार मूर्ति गोलचक्कर के पास से अजय को गिरफ्तार किया था।
अजय की दोस्ती फेसबुक के जरिये लगभग दो साल पहले दादरी के बढ़पुरा निवासी पायल भाटी से हुई थी। पायल के माता-पिता ने 17 मई 2022 को खुदकुशी कर ली थी। पायल के भाई ने पिता के सुसाइड नोट के आधार पर अपनी पत्नी स्वाती, उसके भाई कौशेंद्र, गोलू व बिचौलिया सुनील के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पायल इन्हें ही अपने माता-पिता की मौत का जिम्मेदार मानती थी, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। मामले में तीन आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल गई थी। पायल ने क्राइम सीरियल देखकर खुद की मौत का स्वांग रचने और सीरियल किलिंग की साजिश रची। इसमें उसने अजय को शामिल किया और खुद के जैसी कद काठी की युवती को ढूंढने के लिए कहा। पायल ने अजय से शर्त रखी थी कि वह उसका साथ देगा तभी वह उससे शादी करेगी।
अजय सूरजपुर स्थित एक मोटर कंपनी में काम करता था। हेमा भी सूरजपुर में मां और छोटी बहन के साथ रहती थी। अजय फेसबुक आदि पर पायल जैसी कद काठी की युवती को तलाश रहा था। किसी तरह उसने हेमा से संपर्क कर लिया और अपना घर दिखाने के बहाने से सूरजपुर से एफजेड बाइक से बढ़पुरा स्थित पायल के घर ले गया। दोनों 12 नवंबर की रात लगभग 11 बजे पायल के घर पहुंचे। इससे पहले पायल ने घर में कोई पकवान बनाया और अपने भाई व घरेलू सहायक को नींद की खाने में मिलाकर दे दी थी। अजय जैसे ही अपने घर की तीसरी मंजिल पर हेमा को लेकर पहुंचा पायल उस पर चाकू लेकर टूट पड़ी। पहले पायल ने हेमा की गर्दन पर चाकू से वार किया और फिर अजय ने वार कर उसकी जान ले ली।