पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की संलिप्ता सामने आने के बाद अब हाई सिक्योरिटी सेल में बंद गैंगस्टरों का अपने सेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है। तिहाड़ जेल में बंद 30 से अधिक गैंगस्टरों को एक जेल से दूसरे जेल में शिफ्ट करने के बाद उनके सेल की निगरानी कड़ी कर दी है। उसके सेल के चप्पे चप्पे की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सुरक्षाकर्मी भी उन पर पैनी नजर रख रहे हैं। साथ ही सभी सेल में जैमर लगा दिए गए हैं। ताकि जेल में मोबाइल की उपलब्धता के बावजूद वह उसका इस्तेमाल न कर सके।
Tihar Jail: हाई सिक्योरिटी सेल से गैंगस्टरों का बाहर आना मुश्किल, मूसेवाला की हत्या के खुलासे के बाद ऐसी है सुरक्षा
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सेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जेल के अलावा मुख्यालय में भी मॉनिटरिंग की जा रही है। जेल नियमावली में दिए गए अधिकार के तहत उनके सेल के पास ही वीडियो कांफ्रेंसिग की व्यवस्था की गई है, ताकि वह इधर उधर न जा सकें।
जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सेल से गैंगस्टरों के अपने सेल से बाहर आने की स्थिति में भी ऐसी व्यवस्था की गई है कि वह दूसरे कैदियों से मुलाकात नहीं कर सकें। उनके बाहर आने के दौरान अन्य कैदियों को अपने सेल से निकलने की इजाजत नहीं है।
जेल अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों में बंद गैंगस्टरों की संख्या सौ से अधिक है। इनमें दिल्ली के अधिकतर बड़े-बड़े गैंग के सरगना हैं, जिनमें नीरज बवानिया, मंजीत महाल, लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी, छेनू पहलवान, नासिर, टिल्लू ताजपुरिया, सुनील राठी, हाशिम बाबा, राहुल, वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा, रवि सहित अन्य शामिल हैं।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद लॉरेस बिश्नोई की संलिप्तता आने के बाद तिहाड़ जेल की सुरक्षा को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। उसके बाद जेल प्रशासन ने गैंगस्टरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का फैसला किया। गैंगस्टरों को उनके गैंग के सदस्यों से अलग-थलग करने का फैसला लिया गया।
सबसे पहले ऐसे गैंगस्टरों की लिस्ट तैयार की गई। उसके बाद करीब 30 गैंगस्टरों की जेल बदली गई। इन गैंगस्टरों को तिहाड़ जेल के छह हाई सिक्योरिटी सेल में भेजा गया है। हर एक सेल के आस पास चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा इनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि गैंगस्टरों के सेल की एक नियमित अंतराल पर तलाशी ली जाती है और उसके लिए स्वान दस्ता का भी सहयोग लिया जा रहा है।