फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मां के दूध के जरिए ही बच सकती है बच्ची की जान लेकिन मासूम को छोड़ गई मां क्योंकि...

Wed, 02 May 2018 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 02 May 2018 10:45 AM IST
विज्ञापन
woman left her 4 month old baby as kid is suffering from paralysis husband took her to court because
baby

गंभीर बीमारी से पीड़ित अपनी दो माह की बच्ची को मां छोड़कर चली गई। बच्ची को बाएं हाथ में लकवे की ईआरबी पाल्सी बीमारी है।

woman left her 4 month old baby as kid is suffering from paralysis husband took her to court because
baby

इसकी दवा केवल मां के दूध के जरिये ही दी जा सकती है। बच्ची के पिता ने पत्नी के खिलाफ अदालत में शिकायत दायर की है। पति का कहना है कि बच्ची का जन्म नौ दिसंबर 2017 को हुआ था। दो माह की मासूूम को छोड़कर गई पत्नी को वापस बुलाने की सारी कोशिशें बेकार हो गईं तो उसने कोर्ट की शरण ली है।

woman left her 4 month old baby as kid is suffering from paralysis husband took her to court because
baby

उसे पत्नी की कोई जानकारी नहीं है। उसने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उसे तलाश करने की मांग की। हाईकोर्ट में पेश होकर महिला ने पति के पास लौटने या बच्ची को दवा पिलाने के लिए तीन माह की कस्टडी लेने से साफ इनकार कर दिया। उसने कोर्ट में कहा कि जो दवा बच्ची को दी जानी है, उससे उसे एलर्जी है। इसलिए वह दवा नहीं ले सकती। इसके बाद याचिका का निबटारा पत्नी के पक्ष में कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
woman left her 4 month old baby as kid is suffering from paralysis husband took her to court because
high court

इसके बाद परेशान अधिवक्ता पति ने पत्नी पर कानूनी कार्रवाई के लिए तीस हजारी कोर्ट में अर्जी दायर की है। महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने अर्जी पर पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले को कानून के जानकार दिलचस्पी से देख रहे हैं।

विज्ञापन
woman left her 4 month old baby as kid is suffering from paralysis husband took her to court because
इलाहाबाद हाईकोर्ट

कानून में बच्ची को वापस लेने के लिए मां को निर्देश देने का कोई प्रावधान न होने के कारण कोर्ट के आदेश पर नजरें लगी हैं। हालांकि बच्चे को छोड़ने के अपराध के लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में सजा का प्रावधान है, लेकिन उसे वापस लेने संबंधी प्रावधान नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed