नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 5 जून 2019 को राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) 2019 के नतीजे घोषित कर चुका है। एमबीबीएस और डेंटल में दाखिले के लिए होने वाली इस परीक्षा में इस बार जितने अभ्यर्थी शामिल हुए, उनमें से 7 लाख से भी ज्यादा इसमें सफल नहीं हो पाए हैं। लेकिन इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके पास अब भी मेडिकल के क्षेत्र में ही कई करियर विकल्प हैं।
NEET में असफल हुए तो न हों परेशान, इस तरह मेडिकल में बना सकते हैं सुनहरा करियर
बैचलर्स ऑफ वेटरनरी साइंसेज एंड एनिमल हसबेंडरी
ये कोर्सेज पालतू व जंगली जानवरों की बीमारियों और उनके इलाज के बारे में हैं। BVSc और AH कोर्सेज पांच साल की अवधि के होते हैं। इसमें इंटर्नशिप प्रोग्राम भी जरूरी होता है। अगर कोई अभ्यर्थी एनिमल हसबेंडरी की पढ़ाई नहीं करना चाहता तो सिर्फ BVSc कर सकता है जो तीन साल का कोर्स होता है।
बैचलर्स ऑफ फार्मेसी
साइंस स्ट्रीम के जो स्टूडेंट्स मेडिकल कोर्स करना चाहते हैं उनके लिए बीफार्मा एक अच्छा विकल्प है। इस क्षेत्र में दो साल का डिप्लोमा या चार साल के डिग्री कोर्सेज किए जा सकते हैं। बीफार्मा के बाद स्टूडेंट्स को अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में इन-हाउस फार्मासिस्ट / केमिस्ट के तौर पर काम करने का मौका मिलता है। आप खुद अपनी कंसल्टेंसी या स्टोर भी चला सकते हैं। निजी और सरकारी क्षेत्रों की कंपनियों में रिसर्च, मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का अवसर भी उपलब्ध है।
माइक्रोबायोलॉजी
यह माइक्रोस्कोपिक जंतुओं जैसे बैक्टीरिया, वायरस, पर्यावरण में मानव, जानवर, पेड़-पौधों व अन्य जंतुओं की स्टडी होती है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के रिसर्च हमें बताते हैं कि अलग-अलग माइक्रोऑर्गेनिज्म किस तरह हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। इसके अंतर्गत वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, पारासाइटोलॉजी, माइकोलॉजी जैसे सब-फील्ड की भी पढ़ाई की जा सकती है।
इसके जरिए क्लिनिकल रिसर्चर, रिसर्च साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, क्लाविटी कंट्रोल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड इंडस्ट्री, हेल्थ सेक्टर, ब्रिवरीज, डिस्टिलरीज, एग्रीकल्चर जैसे कई क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।
बायोकेमिस्ट्री
साइंस के इस ब्रांच में जीवित ऑर्गेनिज्म्स में केमिकल प्रोसेस और सब्स्टांसेज की पढ़ाई होती है। यह लैबोरेटरी आधारित साइंस है जो बायोलॉजी और केमिस्ट्री को साथ लाता है। यह एक बढ़ता हुआ क्षेत्र है जहां आपको बायोकेमिकल साइंटिस्ट, फॉरेंसिक साइंटिस्ट, क्लिनिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट, टॉक्सिकोलॉजिस्ट, रिसर्च साइंटिस्ट, हेल्थकेयर साइंटिस्ट, पेशेंट केयर को-ऑर्डिनेटर, मेडिकल कोडर, टीचर व प्रोफेसर जैसे कई अच्छे अवसर मिलेंगे।