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जानें उस महिला को, जिन्होंने देश में सबसे पहले लड़कियों के लिए खोला था स्कूल

Fri, 03 Jan 2020 01:54 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Fri, 03 Jan 2020 01:54 PM IST
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Savitribai Phule history of First female teacher of India, Who started first girls school in India
savitribai phule - फोटो : social media

आज के दिन यानी 3 जनवरी को सावित्री बाई फुले (देश की पहली महिला शिक्षक) का जन्म हुआ था । ये आज भी एक मिसाल बनकर हमारे दिल में जिंदा हैं। इनका नाम सामने आते ही सिर फक्र से ऊंचा उठ जाता है। शिक्षा में अतुलनीय योगदान के लिए देश और समाज सावित्री बाई फुले का सदैव ऋणी रहेगा।



जिस समय फुले ने शिक्षा की ज्योत जलाई, उस समय लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, इसके बावजूद भी उन्होंने नारी शिक्षा का बीड़ा उठाया और उसे अंजाम तक पहुंचाया। जिसके बाद समाज से कुंठित वर्ग की महिलाएं भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आगे आने लगीं। इन्होंने देश का पहले गर्ल्स स्कूल की शुरुआत की। आगे पढ़ते हैं कि कौन थी सावित्री बाई और कैसे बनीं ये महिलाओं की आवाज...

Savitribai Phule history of First female teacher of India, Who started first girls school in India
savitribai phule - फोटो : social media

बात 19वीं सदी की है, जब स्त्रियों के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सतीप्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर किसी भी महिला की आवाज नहीं उठती थी। पर सावित्री बाई फुले ने उस वक्त अपनी आवाज उठाई और नामुमकिन को मुमकिन करके दिखाया।  
सावित्रीबाई फुले, अपने पति, ज्योतिराव फुले के साथ ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में महिलाओं के अधिकारों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने सन् 1848 में भिड़े वाडा में लड़कियों के लिए देश का पहला गर्ल्स स्कूल शुरू किया।

Savitribai Phule history of First female teacher of India, Who started first girls school in India
savitribai phule - फोटो : social media

कौन थीं सावित्रीबाई फूले-

जनवरी 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित नायगांव नामक छोटे से गांव में सावित्रीबाई फुले का जन्म हुआ था। उनकी शादी 9 साल की उम्र में ही ज्योतिबा फुले के साथ हो गई थी। बता दें कि जब उनका विवाह हुआ तब वह अनपढ़ थी। उनके पति तीसरी कक्षा तक पढ़े थे। सावित्रीबाई का सपना था उच्च शिक्षा ग्रहण करना। पर उस वक्त दलितों के साथ काफी भेद-भाव होता था।

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Savitribai Phule history of First female teacher of India, Who started first girls school in India
savitribai phule - फोटो : twitter
इतिहासकार बताते हैं कि एक दिन फूले को अंग्रेजी की किताब के पन्ने पलटते हुए उनके पिताजी ने देख लिया। सावित्री के पास आए और किताब छीनकर बाहर फेंक दी। सावित्री को समझ नहीं आया। उन्होंने अपने पिताजी से जब कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि पढ़ाई करने का हक केवल उच्च जाति के पुरुषों का है।
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savitribai phule - फोटो : social media
उस वक्त दलितों के साथ महिलाओं के लिए भी पढ़ाई करना पाप था। इस घटना के बाद सावित्रीबाई ने प्रण किया कुछ भी हो जाए वह शिक्षा जरूर ग्रहण करेंगी। अपने इस प्रण को उन्होंने कोशिशों के दम पर पूरा भी किया। कम लोग जानते हैं कि सावित्री बाई फूले कवि थीं। उनकी 41 कविताओं को 1854 में प्रकाशित किया गया था जो आज भी उपलब्ध हैं। 

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