साल 2019 में भारतीय संसद द्वारा लिए गए दो बड़े फैसले थे - जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाना और संशोधित नागरिकता कानून (CAA) लागू करना। लेकिन इन दोनों फैसलों के बाद देश में लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां फैलीं। अब इन दोनों मामलों पर लोगों को जागरूक करने के लिए उत्तर प्रदेश में विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।
CAA और अनुच्छेद 370 पर उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ सर्टिफिकेट कोर्स, दाखिला शुरू
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इस सर्टिफिकेट कोर्स की शुरूआत उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्विवद्यालय (UPRTOU - Uttar Pradesh Rajarshi Tandon Open University) ने की है। इस कोर्स का नाम है - अवेयरनेस प्रोग्राम ऑन जम्मू कश्मीर (APJK) और अवेयरनेस प्रोग्राम इन सिटिजनशिप अमेंडमेंड एक्ट 2019 (APCAA)।
कितने दिनों का कोर्स, कितना लगेगा शुल्क
- यूपीआरटीओयू के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) प्रभात मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 'नया सिलेबस 10 जनवरी से लागू किया जा चुका है। इसके लिए दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। यह सर्टिफिकेट प्रोग्राम तीन महीने की अवधि का होगा। तीन महीने के इस कोर्स के लिए अभ्यर्थियों को 700 रुपये शुल्क देना होगा। हालांकि कोर्स में अभ्यर्थियों के दाखिले की संख्या की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।'
- टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, विवि के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 और सीएए को लेकर कई गलत अवधारणाएं फैली हैं। इन्हें जल्द से जल्द दूर करने की जरूरत है। किसी विश्वविद्यालय का ये नैतिक कर्तव्य है कि वह लोगों को जागरूक कर गलतफहमियों की धुंध को दूर करे।
कौन ले सकता है दाखिला
- इस सर्टिफिकेट कोर्स में दाखिला लेने के लिए अभ्यर्थियों का 12वीं (इंटर) पास होना जरूरी है।
- इस सर्टिफिकेट कोर्स को अभ्यर्थी स्नातक या अन्य कोई कोर्स करते हुए भी पूरा कर सकते हैं।
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सीएए के पाठ्यक्रम को पांच भागों में विभाजित किया गया है। जबकि जम्मू कश्मीर जागरूकता कार्यक्रम के पाठ्यक्रम को अनुच्छेद 370 के एक और अनुच्छेद 35 ए के छह भागों में विभाजित किया गया है।
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इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए यहां क्लिक करें।
UPRTOU की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
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