कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान रामानंद सागर की ‘रामायण’ के हिट होने से लोगों को कलि काल में त्रेता युग की कहानियां फिर से भाने लगी हैं। ‘तानाजी’ बनाने वाले निर्देशक ओम राउत अपनी अगली फिल्म ‘आदिपुरुष’ में रावण और सीता पर खास फोकस रखने वाले हैं तो कुछ कुछ ऐसा ही बताते हैं कि निर्माता मधु मंटेना भी योजना बना रहे हैं। उनकी ‘रामायण’ में सीता के रोल में दीपिका और रावण के रोल में ऋतिक रोशन को लेने की कल्पनाएं चल रही हैं। ओम राउत की ‘सीता’ का नाम कृति सैनन के रूप में पक्का हो चुका है। लेकिन, ये दोनों सीता परदे पर जब प्रकट होंगी, तब होगीं, आज हम आपको बताते हैं उन अभिनेत्रियों के बारे में जो सीता बनकर परदे पर अवतरित हुईं। कुछ ने खूब वाहवाही लूटी तो कुछ जमकर ट्रोल भी हुईं।
ये 10 हीरोइनें परदे पर बनी माता सीता, दीपिका, स्मृति व नयनतारा ने बढ़ाई शोभा, ये दो जमकर ट्रोल हुईं
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दीपिका चिखलिया : रामायण (1987)
रामानंद सागर के निर्देशन में बना धारावाहिक 'रामायण' भगवान श्री राम की जीवन यात्रा पर बने सभी धारावाहिकों और फिल्मों में सबसे ज्यादा पसंद किया गया। जब यह धारावाहिक लॉकडाउन के दौरान टीवी पर प्रसारित हुआ तो इसने सालों पुराने टीआरपी के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इस धारावाहिक में माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने। माता सीता के किरदार में दीपिका को इतना पसंद किया गया है कि लोग उनकी पूजा ही करने लगे। धारावाहिक में दीपिका बिना आभूषणों के भी बहुत खूबसूरत लगीं। जब वह गौरी पूजा के लिए तैयार होती हैं तब उनका रूप देखते ही बनता है। निर्माताओं ने उनका चुनाव भी बहुत सोच समझ कर किया। कहा जाता है कि माता सीता की लंबाई भगवान श्री राम के हृदय तक ही पहुंचती थी। क्योंकि, उनका निवास भी वहीं था। श्री राम के रूप में अरुण गोविल और माता सीता के रूप में दीपिका को देखकर भी वैसा ही प्रतीत होता है।
स्मिता माधव : बाल रामायणम (1996)
वर्ष 1996 में तेलुगू भाषा की फिल्म 'बाल रामायणम' बनाई गई जिसमें माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री स्मिता माधव ने। बाल कलाकारों की अब तक की यह सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है जिसमें सारे कलाकार बच्चे ही रहे। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। फिल्म में जूनियर एनटीआर ने भगवान श्री राम का किरदार निभाया। माता सीता को और भी बेहतर किया जा सकता था अगर उन्हें पर्दे पर थोड़ा और समय मिलता। स्मिता माधव उस समय 10 वर्ष की थीं जब उन्होंने यह किरदार निभाया। आजकल तो वह एक शास्त्रीय नर्तकी और गायिका हैं।
शिल्पा मुखर्जी : जय हनुमान (1997)
फिल्मों के मशहूर अभिनेता संजय खान ने जब टीवी की दुनिया में कदम रखा तो उन्होंने वर्ष 1997 में एक धारावाहिक 'जय हनुमान' का निर्देशन किया। यह धारावाहिक वर्ष 2000 तक चला। धारावाहिक पूरी तरह से भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान पर आधारित रहा। इस धारावाहिक में माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री शिल्पा मुखर्जी ने। शिल्पा बहुत ज्यादा समय तक अभिनय की दुनिया का हिस्सा नहीं रहीं। अब तो वह पूरी तरह यह दुनिया छोड़कर एक पेशेवर फ्रीलांस फोटोग्राफर बन गई हैं।
स्मृति ईरानी : रामायण (2002)
जब रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' को दर्शकों ने बहुत पसंद किया तो बीआर चोपड़ा और रवि चोपड़ा ने मिलकर भी एक धारावाहिक 'रामायण' का निर्माण किया जिसमें श्री राम बने नीतिश भारद्वाज और माता सीता बनीं अभिनेत्री और राजनेता स्मृति ईरानी। बीआर चोपड़ा की कोशिश तो यही थी कि उनके भी धारावाहिक को रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' जैसा ही नाम मिले। उन्हें इतना नाम तो नहीं मिल पाया लेकिन दर्शकों ने उनके भी धारावाहिक को पसंद किया। साथ ही पसंद किया उन कलाकारों को जिन्होंने शो में किरदार निभाए। स्मृति उस समय 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे धारावाहिक से प्रसिद्धि पा रही थीं। उसी धारावाहिक से उन्हें एक संस्कारी बहू के रूप में जाना जाने लगा।