हिंदी का प्रसार करने के लिए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। देश भर के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में इस दिन हिंदी का जश्न मनाते हैं। मनोरंजन की दुनिया में भी हिंदी का असर दुनिया को समझ आ रहा है। दुनिया की बड़ी से बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियां अपनी फिल्में हिंदी में डब करके रिलीज कर रहे हैं। जमाना इन दिनों पॉडकास्ट का है तो दिग्गज लेखकों की लिखी कहानियां, प्रेरक बातें और किस्से भी अब हिंदी में उपलब्ध होने शुरू हो गए हैं। यहीं नहीं हिंदी के महान लेखकों की कृतियां भी अब आप काम करते समय, सफर करते समय या फिर यूं ही आंख मूंदकर लेटने के समय कान में ईयर फोन लगाकर ओटीटी ऑडिबल पर आराम से सुन सकते हैं। इन तमाम पॉडकास्ट में हिंदी के पांच बेहतरीन पॉडकास्ट के बारे में चलिए आपको बताते हैं:
हिंदी के 5 सर्वोत्तम पॉडकास्ट: आंखें बंद कर सुनिए ओशो के उपदेश और समझिए क्यों श्रेष्ठ वही है जो झुक सकता है
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अनेक रामायण, अनेक संदर्भ (मैनी रामायाणाज़, मैनी लेसंस)
लेखक- आनंद नीलकंठन
भारत में हम सभी पौराणिक कथाओं को सुनते और देखते हुए बड़े हुए हैं और इन कहानियों की संस्कृति बेहद समृद्ध रही है। और यही चीज देश में स्टोरीटेलिंग की परंपरा का पर्याय है। 29 एपिसोड में बनी इस ऑडियोबुक में आनंद नीलकंठन ने इस महागाथा को अलग-अलग वर्जन में प्रस्तुत करने की कोशिश की है। वह हर उम्र के लोगों को ऐसी सीख देना चाहते हैं, जो हमेशा उनके साथ बनी रहे। इस कहानी को कालक्रम के अनुसार सुनाया गया है। इसके हरेक एपिसोड में ऋषि वाल्मीकि, भगवान राम, ऋषि विश्वामित्र, सीता, भरत की महानता के किस्से हैं। संपूर्ण एशिया में विद्यमान इस कहानी के अलग-अलग संस्करण को बड़े ही मजेदार अंदाज में बताया गया है।
श्रेष्ठता का मनोविज्ञान
लेखक- ओशो
श्रेष्ठ वही है, जो झुक सकता है। इस प्रवचन में ओशो एक बहुत गहरी बात कह रहे हैं, जो महत्वाकांक्षा की दौड़ के विपरीत है। सागर इतना विराट है क्योंकि वह सबसे नीचे है इसलिए हर झरना उसी में आकर गिरता है। पूरब ने बहुत बहुत तरह से झुकने का और सब कुछ पाने का राज जान लिया है। जिन्हें हीनता की ग्रंथि है, वे ही जीवन भर दौड़ते रहते हैं।
मेरी गीता
लेखक- देवदत्त पटनायक
एक ऐसी दुनिया में जो संवाद पर तर्क-वितर्क से मंत्रमुग्ध लगती है। देवदत्त इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे कृष्ण अर्जुन को उनके रिश्तों के बारे में कोई निर्णय लेने की बजाय इसे समझने के लिए प्रेरित करते हैं। यआत्म-सुधार, आत्म-प्राप्ति, आत्म-प्राप्ति और यहां तक कि सेल्फी पर भी मोहित आज की दुनिया में गीता के उपदेश बहुत सामयिक हो चले हैं। हम भूल रहे हैं कि हम दूसरों के पारिस्थितिकी तंत्र में रहते हैं जहां हम भोजन के साथ प्यार और विचारों के जरिये एक दूसरे के साथ आगे बढ़ सकते हैं। इस पॉडकास्ट में इसी बात पर जोर दिया गया है।
चाणक्य नीति
लेखक- आचार्य चाणक्य
चाणक्य एक भारतीय शिक्षक, दार्शनिक और शाही सलाहकार थे। उन्होंने कम उम्र में पहले मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त के सत्ता शीर्ष पर पहुंचने में मदद की। मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उन्हें व्यापक रूप से श्रेय दिया जाता है।चाणक्य को पारंपरिक रूप से कौटिल्य या विष्णु गुप्त के रूप में पहचाना जाता है, जिन्होंने अर्थशास्त्र नामक प्राचीन भारतीय राजनीतिक ग्रंथ लिखा था। इस ग्रंथ की महत्वपूर्ण बातें चाणक्य नीति नामक इस पॉडकास्ट में संकलित की गई हैंं।