अकेले दीपिका, रणवीर और शाहिद के लिए ही नहीं इन 5 किरदारों के लिए देखिए 'पद्मावत'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलिक काफूर
सबसे पहले नाम आता है एक्टर जिम सरब का। फिल्म में जिम सरब ने खिलजी के समलैंगिक गुलाम मलिक काफूर का किरदार निभाया। मलिक काफूर एक गुलाम था जिसे अलाउद्दीन खिलजी के चाचा और ससुर जलालुद्दीन खिलजी ने उसे गिफ्ट किया था। मलिक काफूर पहले दिन से ही अलाउद्दीन खिलजी का कायल हो गया था, और उसके इशारे पर कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता था। फिल्म में एक सीन में मलिक काफूर अलाउद्दीन से मलिका-ए-हिंद बनाने के लिए कहता है, और अलाउद्दीन उसे नजरअंदाज कर जाता है। जिम सरब से इस समलैंगिक रोल के साथ पूरा तरह न्याय किया है। जिम 'अ डेथ इन द गंज' और 'राब्ता' में भी दिख चुके हैं। इसके बाद वे 'संजू' में नजर आएंगे।
फिल्म में दूसरा ऐसा किरदार जिसने अपने किरदार से सबको चौंका दिया वो हैं जलालुद्दीन खिलजी। फिल्म में रजा मुराद ने अलाउद्दीन खिलजी के चाचा जलालुद्दीन खिलजी का किरदार निभाया है।1296 में अलाउद्दीन खिलजी ने अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी और ससुर की हत्या करने के बाद दिल्ली की गद्दी पर राज किया। फिल्म की शुरुआत रजा मुराद यानि जलालुद्दीन खिलजी के डायलॉग से होती है... जलालुद्दीन खिलजी अपने दरबारियों के सामने गोश्त चबाते हुए बड़े ही आराम से कहता है कि सारा मसला ख्वाहिशों का है... जलालुद्दीन खिलजी के रोल में रजा मुराद ने बेहद दमदार रोल किया है।
तीसरी और फिल्म के सबसे अहम किरदार में उभर कर आयी हैं अलाउद्दीन खिलजी की बीवी मेहरुनिसा। फिल्म में अदिति राव हैदरी भी खिलजी की बीवी के रोल में बेहद सशक्त लगी हैं। फिल्म में मेहरुनिसा को सॉफ्ट हर्ट दिखाया गया है। एक सीन में जब पद्मावती राजा रतन सिंह को छुड़ाने दिल्ली आती हैं तब मेहरुनिसा रानी पद्मावती को देखकर कहती है सच में आप खुदा का सबसे खूबसूरत तोहफा है आपको देखकर तो किसी का भी दिल बदल सकता है हमारे शौहर तो कुछ भी नहीं... फिल्म में मेहरुनिसा के किरदार में अदिति ने जान डाल दी है।
सेनापति गोरा
गोरा और बादल चित्तौड़गढ़ मेवाड़ के महान योद्धाओं में से एक थे, जो चित्तौड़गढ़ मेवाड़ के रावल रतन सिंह के बचाव के लिए बहादुरी से लड़े थे। साथ ही कहानी में किस तरह से अपने राजा के लिए वो कुछ भी कर जाने के लिए खड़े रहते हैं, ये भी बखूबी दर्शाया गया है। फिल्म में इस महान योद्धा का किरदार निभाया है उज्जवल चोपड़ा ने। फिल्म में एक सीन ऐसा है जिसमें एक राजपूत का सिर कट गया लेकिन फिर भी उसका शरीर दुश्मनों से लड़ने के लिए आगे बढ़ता रहा और वो राजपूत कोई और नहीं सेनापति गोरा का किरदार निभा रहे उज्जवल चोपड़ा थे। इस सीन ने थियेटर में बैठे लोगों की आंखे नम कर दी थीं।