अभिनेता भगवानदास मूलचंद लूथरिया उर्फ सुधीर को आपने कई फिल्मों में देखा होगा। किसी फिल्म में वह विलेन का किरदार निभाकर छाए तो किसी फिल्म में उन्होंने शरीफ आदमी की गजब एक्टिंग करके दिल जीता। उनका कॉमेडी अंदाज भी काफी पसंद किया गया। अपने करियर में उन्होंने कई गंभीर रोल भी किए। दिलचस्प बात यह है कि अपने करियर की शुरुआत उन्होंने बतौर हीरो शुरू की थी। मगर वह विलेन के रूप में अधिक मजबूती से उभरे। सुधीर का जन्म वर्ष1944 में हुआ था। इनका पूरा नाम भगवानदास मूलचंद लूथरिया था। लेकिन साठ के दशक में जब वह फिल्मों में आए तो इन्होंने अपना नाम सुधीर रख लिया। आज उनकी पुण्यतिथि है। 12 मई 2014 में फेफड़े के संक्रमण के चलते उनका निधन हो गया था।
Death Anniversary: फिल्मी दुनिया में आकर यह हीरो भुला बैठा अपना असली नाम, कई फिल्मों में दिखाया एक्टिंग का हुनर
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पहली फिल्म थी 'प्रेम पत्र' (1962)
सुधीर पहली बार वर्ष 1962 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रेम पत्र' में नजर आए थे। ये फिल्म महान निर्देशक बिमल रॉय ने बनाई थी और इस फिल्म में लीड रोल में शशि कपूर और साधना थे। सुधीर साहब फिल्म में एक कॉलेज स्टूडेंट बने थे।
'हकीकत' (1964)
सुधीर के करियर की दूसरी फिल्म चेतन आनंद की 'हकीकत' थी। यह फिल्म साल 1964 में रिलीज हुई। अपनी शुरूआती दोनों फिल्मों में सुधीर सपोर्टिंग एक्टर के किरदारों में दिखाई दिए।
'एक फूल एक भूल' में बने हीरो (1968)
वर्ष 1968 में रिलीज हुई फिल्म 'एक फूल एक भूल' में सुधीर पहली बार बतौर हीरो नजर आए। इस फिल्म को उस दौर के जाने-माने निर्देशक-प्रोड्यूसर केदार कपूर ने बनाया था। फिल्म में इनकी हीरोइन जेब रहमान थीं। इस फिल्म में मुमताज, हेलेन, चमन पुरी, मदन पुरी, देव कुमार और केएन सिंह जैसे उस दौर के दिग्गज सितारे मौजूद थे।
'उस्ताद 420' (1969)
बतौर हीरो सुधीर की अगली फिल्म 'उस्ताद 420' थी। यह फिल्म 'एक फूल एक भूल' के एक साल बाद यानी 1969 में रिलीज हुई थी। ये बात भी बड़ी खास है कि सुधीर साहब जब फिल्मों में हीरो थे तो मोहम्मद रफी और मुकेश जैसे महान गायकों ने इन्हें अपनी आवाज दी थी। इन पर फिल्माए गए कुछ गीत बड़े हिट हुए थे।