सदी के महानायक अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और इन दिनों लॉकडाउन में अमिताभ पहले से भी अधिक सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच अमिताभ ने कई सारी पोस्ट फैंस के साथ साझा की। उन्होंने अपनी कई पुरानी यादों को भी ताजा किया। वहीं अब हाल ही में अमिताभ ने फैंस का हौसला बढ़ाने के लिए एक कविता साझा की है।
अमिताभ बच्चन ने साझा की 'बाबूजी' की कविता, विपरीत परस्थितियों में जलाया 'अंधेरे का दीपक'
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ये कविता अमिताभ के पिताजी यानी हरिवंशराय बच्चन साहब की लिखी हुई है। अमिताभ ने इस कविता को आज के हालातों से जोड़ते हुए साझा की है। जो कि इस समय में फिट भी बैठती है। ये कविता लोगों में उम्मीद की एक किरण जगाने का काम करेगी। अमिताभ की इस कविता का शीर्षक है 'अंधेरे का दीपक'।
इस कविता को अमिताभ ने अपने आधिकरिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए साझा किया है। कविता को साझा करते हुए कैप्शन में अमिताभ ने इस कविता का अंग्रेजी मतलब बताया है। इस कविता का भावार्थ है कि उम्मीद की एक किरण होती है जो मुश्किल हालात में भी हमारे पास होती है लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते। बस कई बार हम नकारात्मकता के अंधेरे में उसे देखने की कोशिश नहीं करते।
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इस कविता के अंत में अमिताभ ने लिखा है, 'मेरे श्रद्धेय बाबूजी के हौसला जगाने वाले काव्यमयी शब्दों में'। अमिताभ की ये कविता कोरोना महामारी के इस समय में लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए है। वाकई बाबूजी के इन शब्दों से अमिताभ ने जादू बिखेर दिया। अमिताभ का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अमिताभ के इस पोस्ट को उनके फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन अक्सर कई तस्वीरें और पोस्ट अपने फैंस के साथ साझा करते रहते हैं। अमिताभ अपने विचारों के साथ ही मन की बातें भी सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। जिन्हें खूब पसंद भी किया जाता है।
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