भारत में शनिवार 16 जनवरी को दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान शुरू होने पर बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देश कोविड-19 से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के लोग पोलियो की तरह ही देश से कोरोना वायरस का भी उन्मूलन करेंगे। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'भारत का पोलियो मुक्त होना गर्व का क्षण था। वह भी गर्व का क्षण होगा, जब भारत कोरोना से भी मुक्त होगा।'
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बता दें कि भारत में पोलियो उन्मूलन अभियान के लिए अमिताभ बच्चन यूनिसेफ के सद्भावना दूत रहे हैं। वह 2014 में भारत के पोलियो मुक्त होने तक यूनिसेफ के दूत रहे। इसके साथ ही बिग बी कोरोना के खिलाफ ऐहतियाती उपायों के प्रति केंद्रीय जागरूकता अभियान का भी हिस्सा रहे हैं। कोरोना काल के दौरान उन्होंने कॉलर ट्यून के जरिये संदेश प्रचारित किया।
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It was a proud moment when we made India polio free ; it shall be just as proud a moment when we make India COVID-19 free #LargestVaccineDrive
@MoHFW_India @UNICEFIndia #largestVaccinationdrive
JAI HIND 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
अमिताभ बच्चन के इस ट्वीट को लोगों काफी पसंद कर रहे हैं। हालांकि, कई बॉलीवुड सेलेब टीकाकरण से नाराज़ भी हैं। उनका कहना है कि वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट होने की जिम्मेदारी कौन लेगा? बता दें जुलाई महीने में अमिताभ भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। यही नहीं उनके बेटे अभिषेक बच्चन, बहू ऐश्वर्या राय और पोती आराध्या बच्चन भी कोविड-19 संक्रमित पाईं गई थीं। जिसके बाद सभी को मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी स्वस्थ होकर और कोरोना को मात देकर घर लौटे थे।
गौरतलब है कि भारत में शनिवार 16 जनवरी से कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का आगाज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान का शुभारंभ किया। देशभर में शुरू हुए इस कार्यक्रम में लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वहीं इस टीकाकरण को लेकर बॉलीवुड सेलेब्स ने भी खुशी जताई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शनिवार को शुरूआत होने के बाद से अबतक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है। बता दें कि भारत में टीकाकरण के लिए सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के जरिए निर्मित ‘कोविशील्ड’ के साथ ही भारत बायोटेक की ओर से विकसित स्वदेशी ‘कोवैक्सीन’ टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। हालांकि भारत बायोटेक की वैक्सीन को लेकर विवाद भी हुआ था।