फिल्मों में एक नायक होता है। एक खलनायक भी होता है। खलनायक का रोल यूं तो साइड रोल माना जाता है। मगर, यह कलाकार की प्रतिभा के ऊपर होता है कि वह पर्दे पर अपने हिस्से आए रोल को किस अंदाज में दर्शकों के सामने पेश करता है। बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे हुए हैं, जिन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा के जरिए नकारात्मक किरदारों को भी ऐसा बड़ा बना दिया कि वे अमर हो गए। ये विलेन फिल्मों में हीरो पर भारी पड़ते नजर आए। यही वजह है कि इनके डायलॉग आज भी खूब बोले-सुने जाते हैं।
Famous Villains: इन सितारों ने नेगेटिव भूमिकाओं में फूंक दी जान, हर किसी ने माना इनकी अभिनय प्रतिभा का लोहा
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अमजद खान
जब भी हिंदी सिनेमा के खलनायकों का जिक्र होता है तो गब्बर सिंह सबसे पहले याद आता है। यह किरदार अमजद खान ने अदा किया था। फिल्म 'शोले' में उन्होंने गब्बर का रोल ऐसे उम्दा तरीके से निभाया कि अमर हो गया है। गब्बर सिंह के डायलॉग आज भी खूब हिट हैं। 'ये हाथ हमको दे दे ठाकुर', 'कितने आदमी थे', 'ये रामगढ़ वाले अपनी बेटियों को कौन सी चक्की का आटा खिलाते हैं', 'तेरा क्या होगा कालिया', 'बहुत याराना लगता है' जैसे कितने ही डायलॉग लोग आज भी बोलते सुन लिए जाएंगे।
प्राण
प्राण को लेकर कहा जाता था कि वह जिस फिल्म में जाते उसमें 'प्राण' पड़ जाते थे, 'जंजीर' में शेरखान के किरदार ने उन्हें अलग ही पहचान दी। 'इस इलाके में नए आए हो साहब, वरना शेर खान को कौन नहीं जानता?', 'शेरखान ने शादी नहीं की तो क्या हुआ, लेकिन बारातें बहुत देखी हैं', 'शेर खान आज का काम कल पर नहीं छोड़ता', 'चिल्लाओ नहीं साहब, वरना गला खराब हो जाएगा', 'बर्खुदार...' जैसे बेहतरीन डायलॉग ने प्राण को दर्शकों के बीच खूब लोकप्रियता दिलाई।
अमरीश पुरी
अमरीश पुरी ने बॉलीवुड की एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। हालांकि, उन्होंने ज्यादातर खलनायक के रोल ही अदा किए, लेकिन इस अंदाज में अदा किए कि वह फिल्म के हीरो पर हमेशा भारी रहे। 'मिस्टर इंडिया' फिल्म का उनका डायलॉग 'मोगैंबो खुश हुआ' खूब हिट रहा।
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प्रेम चोपड़ा
प्रेम चोपड़ा ने भी फिल्मों में खलनायक के किरदार बखूबी अदा किए हैं, उनका एवरग्रीन डायलॉग 'प्रेम नाम है मेरा' आज भी याद किया जाता है। यही वजह है कि खलनायकों की गिनती में प्रेम चोपड़ा को जगह देना जरूरी हो जाता है। बतौर विलेन प्रेम चोपड़ा ने फिल्म उपकार से अपना करियर शुरू किया था।
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