दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी को भारतीय सिनेमा के सबसे काबिल खलनायकों में से एक माना जाता है। जब भी कहीं अमरीश पुरी के नाम की चर्चा होती है तो उनका एक किरदार जरूर लोगों के जेहन में आता है, और वह है मोगैंबो। अमरीश पुरी ने शेखर कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में मोगेंबो का किरदार निभा कर भले ही प्रसिद्धि पाई हो लेकिन उन्हें वर्ष 1980 में बापू के निर्देशन में बनी फिल्म 'हम पांच' से ही पहचाना जाने लगा था।
अमरीश पुरी के जन्मदिन पर बोनी कपूर ने किया 'मोगैंबो' को याद, इस किरदार के कई राजों से उठाया पर्दा
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'हम पांच' के निर्माता बोनी कपूर बताते हैं कि वह समय ऐसा था जब प्राण साहब और प्रेम नाथ जी हिंदी फिल्मों में खलनायकों की भूमिका निभाने के लिए जाने जाते थे। बोनी ने बताया, 'अमरीश जी उस समय रंगमंच के कलाकार थे और बहुत से नाटकों में काम करने के साथ खूब सराहना पा चुके थे। लेकिन, अभी तक उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में जगह नहीं मिली थी।' बोनी ने बताया कि फिल्म के निर्देशक बापू ने अमरीश पुरी को 40 हजार रुपये में साइन किया और खुद बोनी ने उनसे कहा कि अगर यह फिल्म हिट हुई तो वह अमरीश पुरी को 10 हजार रुपये बोनस के तौर पर देंगे। और हुआ भी ऐसा ही।
जब बोनी कपूर ने अमरीश पुरी को 'हम पांच' के लिए साइन किया था, उस वक्त उन्होंने अमरीश पुरी को बता दिया था कि वह आने वाले समय में बहुत बड़े खलनायक बनने वाले हैं। जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी उस वक्त सिर्फ प्राण और प्रेमनाथ ही ऐसे खलनायक थे जो एक फिल्म के लिए ढाई से तीन लाख रुपये तक लेते थे। इस फिल्म के बाद से ही अमरीश पुरी के दाम भी बढ़ना शुरू हो गए थे। बोनी ने कहा, 'हम पांच के लिए अमरीश जी ने बापू के कहे अनुसार उस किरदार की सभी बारीकियां समझीं और सारी तैयारियां खुद से ही कीं। फिल्म में जो लाल शॉल उन्होंने ओढ़ी है, वह फिल्म पोंगा पंडित से प्रेरित थी। जबकि इस शॉल पर बना सूरज का चित्र ताकत का प्रतीक था। अमरीश जी का मानना था कि यह किरदार में और गहराई लाएगा।'
जब 'मिस्टर इंडिया' में मोगेंबो के किरदार के लिए कास्टिंग चल रही थी, उस वक्त निर्माताओं को किसी ऐसे किरदार की तलाश थी जो 'शोले' के गब्बर और 'शान' के शाकाल जैसा अपने आप को स्थापित कर सके। और इसे निभाने के लिए भी अमजद खान या कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकार की भी जरूरत थी। इस किरदार के लिए दो महीने तक ऑडिशन चले लेकिन जावेद अख्तर के लिखे इस किरदार को कोई कलाकार नहीं मिला। अंत में निर्माता बोनी कपूर, निर्देशक शेखर कपूर और लेखक जावेद अख्तर की सहमति अमरीश पुरी पर ही बनी।
फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के दिनों को याद करते हुए बोनी कपूर ने कहा, 'मोगेंबो के किरदार को निभाते हुए अमरीश जी बहुत खुश थे। वह उसके किरदार का स्केच तैयार करने वाले माधव टेलर और मेकअप मैन गोविंद के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस किरदार के संवाद खुद जावेद साहब ने लिखे, जिन्होंने मोगेंबो के व्यक्तित्व में चार चांद लगा दिए। मोगेंबो की सफलता का पूरा श्रेय मैं अमरीश जी को ही देना चाहूंगा। बाद में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने एक इतिहास है।' इस किरदार के बाद तो अमरीश पुरी भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे महंगे खलनायकों में से एक बन गए थे। फिल्म मिस्टर इंडिया साइन करने के बाद अमरीश पुरी ने हॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम' में भी मुख्य खलनायक की भूमिका निभाई।
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