एआर रहमान भारत में अब तक के सबसे प्रतिभाशाली संगीतकारों में से एक हैं। पूर्वी और पश्चिमी दोनों संगीत शैलियों में महारत हासिल करने वाले रहमान ने इंडस्ट्री को कई बेहतरीन गानों से गुलजार किया है। भारत में कई सम्मान हासिल कर चुके रहमान को दो अकादमी पुरस्कार, ग्रैमी पुरस्कार, एक बाफ्टा और एक गोल्डन ग्लोब जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। रहमान अपने संगीत से वैश्विक म्यूजिक इंडस्ट्री को प्रभावित और प्रेरित करते रहे हैं। इसी बीच एक अन्य दिग्गज गीतकार गुलजार रहमान की तारीफों के पुल बांधते नजर आए हैं। गुलजार ने रहमान को बेहद धार्मिक इंसान बताया है। साथ ही उनके एक के बाद एक बेहतरीन गानों के पीछे की प्रेरणा का भी खुलासा करते देखे गए हैं।
Gulzar: एआर रहमान को अपने इस गुण के कारण मिली है अपार सफलता, दिग्गज गीतकार गुलजार ने किया खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिकांश लोग माते हैं कि संगीत निर्देशक एआर रहमान अपनी हर धुन में जादू लाते हैं। वहीं गीतकार गुलजार सोचते हैं कि यह उनकी आध्यात्मिकता है जो उनके गानों को दिव्य बनाती है। हाल ही में एक इंटरव्यू में गुलजार ने कहा कि रहमान एक बहुत धार्मिक व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि रहमान आध्यात्मिकता में विश्वास करते हैं और ईश्वर में आस्था रखते हैं।
गुलजार ने यह भी कहा कि अगर एयरपोर्ट के रास्ते में कोई दरगाह है, तो रहमान प्रार्थना किए बिना आगे नहीं बढ़ेंगे। जब भी वह अकेलापन महसूस करते हैं, अपने भीतर की शक्ति के साथ फिर से जुड़ना चाहते हैं, या ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। इसके लिए वह हाजी अली या अजमेर शरीफ जाते हैं।
Sona Dey Profile: कौन हैं सोना डे? फेक MMS वीडियो लीक के चलते सुर्खियों में आईं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर
गुलजार ने एआर रहमान को आध्यात्मिक व्यक्ति बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी एआर रहमान धैर्य का अनुभव करना चाहते हैं और खुद को संभालना चाहते हैं, तो वह अजमेर शरीफ जाने का प्लान बनाते हैं। इस बीच, एआर रहमान और गुलजार का सहयोग हमेशा सफल साबित हुआ है। दोनों ने मिलकर इंडस्ट्री को बेहतरीन गानों से सजाया है।
Khel Khel Mein Box Office Collection: पहले दिन ही 'खेल खेल में' हुई फेल, जानें फिल्म की पहले दिन की कमाई
गुलजार की बात करें तो वह साल 1963 में आई फिल्म 'बंदिनी' के बाद से ही इंडस्ट्री के लिए गाने लिख रहे हैं। गुलजार ने ‘मोरा गोरा अंग’ गाने के साथ एक गीतकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। गुलजार ने आखिरी बार साल 2019 में आई फरहान अख्तर और प्रियंका चोपड़ा जोनस की फिल्म 'द स्काई इज पिंक'के लिए गाने लिखे थे। गीतकार ने अपनी कलम से ‘मुसाफिर हूं यारों,’ ‘तुझसे नराज नहीं जिंदगी,’ ‘सत्रंगी रे,’ ‘वो शाम कुछ अजीब थी,’ ‘मेरा कुछ सामना’ और ‘मैंने तेरे लिए' जैसे यादगार गाने लिखे हैं।