मेरे गुरु, पिता, सांस, जिंदगी गुलजार साहब। गुलजार साहब के सम्मान में कहें ये शब्द थे, विशाल भारद्वाज के। मौका था बेटे आसमान भारद्वाज की फिल्म 'कुत्ते' के प्रमोशन के लिए आयोजित कार्यक्रम 'महफिल- ए -खास' का। गुलजार साहब मंच पर आए और आसमान भारद्वाज को आशीर्वाद देते विशाल भारद्वाज से कहे, 'आप अपने बेटे के लिए चल रहे हैं और मैं अपने पोते के लिए आगे चला हूं।' आसमान भारद्वाज की फिल्म 'कुत्ते' को रिलीज होने में दो दिन बाकी रह गए हैं। कल शाम को फिल्म के म्यूजिक लांच इवेंट के दौरान एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान गुलजार ने इस बात का खुलासा भी किया कि आसमान भारद्वाज उन्हें दाना जी क्यों कहते हैं।
Kuttey's Mehfil-e-khaas: गुलजार साहब को दाना जी क्यों कहते हैं आसमान, इस महफ़िल में हुआ खुलासा
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महफिल -ए -खास का आयोजन काफी भव्य तरीके से जुहू बीच के एक पांच सितारा होटल में किया गया। इस अवसर पर विशाल भारद्वाज और रेखा भरद्वाज ने लाइव परफॉर्म किया वहीं पर गुलजार साहब ने नज़्म पढ़ी। कार्यक्रम के दौरान विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज ने एक से बढ़कर एक गीत गए। खासकर के विशाल भारद्वाज ने फिल्म 'इश्किया' का गीत 'ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं...दिल तो बच्चा है जी', वहीं रेखा भारद्वाज ने 'ओमकारा' का गीत नमक इश्क का गाकर इस महफिल को और खास बना दी।
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गुलजार साहब ने आसमान भारद्वाज को मुबारकबाद देते हुए कहा, 'मैने हमेशा यही कहा कि ये हमारी एक्सटेंशन हैं, मेरी अगली जनरेशन है। हमने अपनी अगली पुश्त देखी और अब उससे अगली पुश्त देख रहे हैं। मैं आसमान को मुबारकबाद देता हूं।आसमान ही मुझे यहां अंगुली पकड़कर लाया। कभी मैं उसे अंगुली पकड़कर चलाता था और अब वह मेरा हाथ थाम कर मुझे लेकर चलता है। इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है कि आप अपना वक्त अपनी औलाद को दे रहे हैं और इसी समाज का हिस्सा बनाकर उसे आगे लेकर जा रहे है। यह बहुत जिम्मेदारी की बात होती है और मैं यह जानता हूं कि विशाल भारद्वाज ने यह निभाया है। विशाल के साथ उनकी अर्धांगिनी ने जिस तरह से आसमान को समाज की जिम्मेदारियां समझाई है और समाज के साथ साथ अपने मूल्यों को लेकर वह आगे बढ़ रहा है। उसे देखकर मुझे बहुत खुशी होती है।'
आसमान भारद्वाज गुलजार साहब को दाना जी कहते हैं। गुलजार साहब ने बताया, 'मैं आसमान का दादा भी लगता हूं और नाना भी, इसलिए वह मुझे दोनो शब्दों को मिलाकर दाना जी कहते हैं। बतादें कि गुलजार साहब विशाल भारद्वाज को अपना बेटा और रखा भारद्वाज को अपनी बेटी मानते हैं। इस रिश्ते से वह आसमान भारद्वाज के दादा और नाना दोनों लगते हैं। उसकी यह फिल्म मैंने देखी है। हालांकि बच्चे अपना काम दिखाते नहीं हैं, वह अपना काम छुपाकर रखते हैं, उसे लगता था कि कहीं ऐसा ना हो कि दाना जी किसी बात पर ऐतराज कर दें, ये ना कह दें कि वो चीज ठीक नहीं है। बच्चे अपनी तरफ से ना भी नहीं करते हैं, हमें भी मालूम है कि वक्त बहुत बदल गया है।
इस खास कार्यक्रम में अर्जुन कपूर और तब्बू भी खास तौर पर मौजूद थी। तब्बू ने बताया, 'मैं गुलजार साहब के साथ काम कर चुकी हूं और उनकी बेटी मेघना के साथ भी काम कर चुकी हूं। विशाल भारद्वाज के साथ काम किया अब उनके बेटे आसमान भारद्वाज के साथ काम कर रहीं, मेरी इच्छा है कि एक दिन आसमान भारद्वाज के बेटे के साथ भी काम करूं।' अर्जुन कपूर के लिए बहुत ही भावुक क्षण था। उन्होंने कहा, 'मेरी मम्मी विशाल भारद्वाज और रेखा भारद्वाज के इस तरह के कार्यक्रमों में जाया करती थी, तब मुझे समझ में नहीं आता था कि ऐसे कार्यक्रम में जाकर उनको क्या मिलता है। आज पहली बार ऐसे लाइव कार्यक्रम में बैठा हूं, तो मुझे मेरी मां की याद बहुत आ रही है।'