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रामायण को सांप्रदायिक बताने वालों को अरुण गोविल ने दिया जवाब, बोले- 'ऐसा कहकर वो खुद को ही...'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Sat, 28 Mar 2020 04:44 AM IST
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Arun Govil
- फोटो : Social Media
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कोरोना वायरस के कहर को रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन तक संपूर्ण लॉकडाउन का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद से लोग अपने-अपने घरों में सिमट कर रह गए है। कुछ दिन पहले अचानक से लोगों ने सोशल मीडिया पर रामानंद सागर की रामायण के दोबारा प्रसारण की मांग कर दी। जनता की इस मांग को सरकार ने पूरा किया और अब दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर 28 मार्च यानि आज से रामायण का प्रसारण दोबारा शुरू हो रहा। लेकिन इस बीच कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
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Ramayan
- फोटो : twitter
जी न्यूज से बातचीत में रामायण में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने कहा कि जिन्होंने रामायण को सही तरह से समझा है उन्हें पता है कि रामायण में जो कुछ कहा गया है वो हर धर्म में लागू होता है। उन्होंने कहा कि इस कदम को धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
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ramayan
- फोटो : social media
अरुण गोविल ने रामायण को सांप्रदायिक कहने वालों से कहा कि वो ऐसा कहकर वो खुद को ही नीचा दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के समय में हमें रामायण में श्रीराम के किरदार को देखते हुए उनकी तरह मर्यादा में रहना है। और इसका पालन करना चाहिए।
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Ramayan Serial
- फोटो : twitter
बता दें कि रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण साल 1987 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था। वहीं बीआर चोपड़ा की महाभारत का प्रसारण भी साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था। रामायण और महाभारत को लोग इतने चाव से देखते थे कि सड़कों पर एक दम सन्नाटा होता था। इन धार्मिक कार्यक्रमों के प्रसारण के वक्त बाहर सड़कों का माहौल एक दम कर्फ्यू की तरह ही होता था।
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