बड़े पर्दे पर अपनी कॉमेडी से लोगों का दिल जीतने वाले अतुल परचुरे इन दिनों खतरनाक बीमारी से लड़ रहे हैं। उन्हें कैंसर हो गया है, जिसका खुलासा अभिनेता ने एक टॉक शो के दौरान किया। अभिनेता ने कहा कि अभी उनका इलाज चल रहा है, लेकिन इस महीने उनकी कीमोथेरेपी का लास्ट साइकिल खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह लगभग कैंसर मुक्त होने की कगार पर हैं। अभिनेता ने यह भी बताया कि कैसे जब वह अस्पताल में भर्ती थे तो कहा गया था कि उनके पास केवल छह महीने का समय है।
Atul Parchure: कैंसर के कारण अतुल को नहीं मिल रहा था काम, बोले- लोगों ने कहा था मेरे पास सिर्फ छह महीने हैं
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अतुल ने बताया कि जब एक महीने तक लक्षण दिखने के बाद वह दिसंबर में डॉक्टरों के पास पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उन्हें कैंसर है। अभिनेता ने कहा, 'मुझे विश्वास था कि मैं इससे बाहर निकल जाऊंगा। मैंने कभी यह पूछने की जहमत नहीं उठाई कि मुझे कैंसर किस स्टेज पर है। मुझे कभी यह खतरा महसूस नहीं हुआ कि मैं मर जाऊंगा।' इस दौरान बीमारी के कारण अतुल का वजन 20 किलोग्राम कम हो गया। वह कहते हैं, 'मुझे बुरा नहीं लगा कि मेरा वजन कम हो गया, मुझे पता था कि मैं इसे दोबारा हासिल कर सकता हूं।'
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अतुल आगे बताते हैं कि पिछले आठ महीने उनके और परिवार के लिए काफी मुश्किलों भरे रहे हैं। अतुल नहीं चाहते थे कि दुनिया को उसकी स्थिति के बारे में पता चले। उन्होंने कहा, 'यह मेरी लड़ाई है, इसमें दूसरों को क्यों शामिल किया जाए? अब मैं इसके बारे में बात कर सकता हूं क्योंकि हम लगभग इससे गुजर चुके हैं।'
अतुल आगे बताते हैं कि, जब वह अस्पताल में इस बीमारी से जूझ रहे थे, तो उनके बारे में कुछ अफवाहें भी फैली थीं। उन्होंने कहा, 'जब मैं अस्पताल में था, तो ऐसी अफवाहें थीं कि मेरे पास केवल छह महीने बचे हैं। लेकिन उन चीजों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर लोग कुछ भी बातें करते रहते थे, लेकिन उन सब चीजों का मुझपर कोई फर्क नहीं पड़ा।
अभिनेता कहते हैं कि कैंसर को स्वीकार करना उनके लिए आसान था। वह कहते हैं कि इसके लिए मैं मानसिक रूप से तैयार था कि मेरे साथ कुछ गलत हुआ है। लेकिन काम न होने के कारण मेरी रातों की नींद हराम हो गई थी। एक तरफ आमदनी बंद हो गई और बड़ा खर्च शुरू हो गया था। क्योंकि कैंसर के इलाज के लिए बहुत पैसे की जरूरत होती है, इसलिए मेडिक्लेम होना जरूरी है। मैं कुछ हद तक अपने मेडिक्लेम से बच गया और कुछ हद तक अपनी बचत से, नहीं तो मेरे लिए यह बहुत मुश्किल होता। इन सब चीजों में मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया।