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भूमि पेडनेकर ऐसे बन पाईं 'सांड की आंख' की चन्द्रो तोमर, घर में ही इनसे मिली स्पेशल ट्रेनिंग
मुंबई टीम, अमर उजाला
Published by: Avinash Pal
Updated Mon, 14 Oct 2019 09:31 AM IST
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भूमि पेडनेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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हिंदी सिनेमा में दमदार किरदारों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाती जा रहीं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की आने वाली दोनों फिल्मों सांड की आंख और बाला की चर्चा इन दिनों इंडस्ट्री में हर तरफ हो रही है। अपनी हर फिल्म में खुद को एक अलग ढंग और अलग तेवर के साथ पेश करने वाली भूमि की फिल्म सांड की आंख दिवाली पर रिलीज हो रही है और इस फिल्म में वह पहली बार हरियाणवी लहजे में संवाद बोलते दिखेंगी।
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सांड की आंख
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म सांड की आंख में भूमि बुजुर्ग शार्पशूटर चन्द्रो तोमर की भूमिका में हैं। फिल्म में उनका किरदार हरियाणवी है। टॉयलेट एक प्रेमकथा में ब्रज और सोन चिड़िया में बुंदेलखंडी लहजे से लोगों के दिल जीत चुकीं भूमि इस बार हरियाणवी धमाका करना चाहती हैं। और, इसके लिए इस बार उन्हें किसी बाहरी कोच की जरूरत भी नहीं हुई। हरियाणवी सीखने के लिए उन्हें अपने घर में ही मदद मिल गई।
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फिल्म सांड की आंख का टीजर रिलीज हुआ
- फोटो : अमर उजाला
भूमि कहती हैं- 'मैं परदे पर अपने किरदार इतने वास्तविक और प्रामाणिक बनाना चाहती हूं कि फिल्म देखने के दौरान लोग भूल जाएं कि वे मुझे देख रहे हैं। मैं चाहती हूं कि मैं जो किरदार निभाती हूं लोग उसमें भावनात्मक रूप से डूब जाएं। सांड की आंख के लिए मैं हरियाणवी लहजा हासिल करना चाहती थी और इसके लिए शूटिंग व डबिंग के दौरान मैंने अपनी मां की मदद ली।'
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मां के साथ भूमि पेडनेकर
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
कम लोगों को ही पता है कि भूमि की मां सुमित्रा हरियाणा से हैं। भूमि कहती हैं- 'चंद्रो दादी के किरदार के साथ मैंने जो किया है वह दादी के अलावा मेरी नानी और मेरी मां के प्रति मेरा सम्मान है। दादी के चित्रण के लिए मैंने अपने जीवन की इन विलक्षण महिलाओं से विभिन्न पहलुओं को हासिल किया है। मेरी मम्मी हरियाणा से हैं और वे वहां की संस्कृति को जानती हैं। अपने हिस्से में हर संभव प्रामाणिकता लाने के लिहाज से मेरी मां मेरा तुरुप का पत्ता रहीं। उन्होंने भाषा से लेकर बॉडी लैंग्वेज तक के सुधार में मेरी मदद की।'
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