पैसों की तंगी के चलते पत्नी ने छोड़ा था साथ, संगीत को साथी बनाकर भूपेन हजारिका ने काटी पूरी जिंदगी
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13 साल की उम्र में हजारिका ने अपना पहला गाना लिखा था। यहीं से उनके सिंगर, कंपोजर और लिरिसिस्ट बनने का सफर शुरू हो गया था। 1942 में भूपेन ने आर्ट से इंटर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से उन्होंने एमए किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद हजारिका ने गुवाहाटी में ऑल इंडिया रेडियो में गाना शुरू कर दिया। इसके साथ हजारिका बंगाली गानों को हिंदी में ट्रांसलेट कर उन्हें अपनी आवाज देते थे। हजारिका को कई भाषाओं का ज्ञान था।
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समय बीतने के साथ वो स्टेज परफॉर्मेंस भी देने लगे। एक बार वो कोलंबिया यूनिवर्सिटी गए। यहां उनकी मुलाकात प्रियम्वदा पटेल से हुई। दोनों में प्यार हुआ और यूएस में ही 1950 में दोनों ने शादी कर ली। 1952 में उनके एक बेटा हुआ। 1953 में हजारिका अपने परिवार के साथ भारत लौट आए। लकिन दोनों ज्यादा समय तक साथ नहीं रह पाए। भारत आकर हजारिका ने गुवाहाटी यूनिवसिर्टी में टीचर की जॉब की।
बहुत समय तक वो टीचर की नौकरी नहीं कर पाए और रिजाइन दे दिया। पैसों की तंगी की वजह से उनकी पत्नी प्रियम्वदा ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद हजारिका ने म्यूजिक को ही अपना साथी बना लिया। उन्होंने रुदाली, मिल गई मंजिल मुझे, साज, दरमियां, गजगामिनी, दमन और क्यों जैसी सुपरहिट फिल्मों में गीत दिए। हजारिका ने अपने जीवन में एक हजार गाने और 15 किताबें लिखीं। इसके अलावा उन्होंने स्टार टीवी पर आने वाले सीरियल 'डॉन' को प्रोड्यूस भी किया था।