हिंदी फिल्में गिनती की ही होती हैं जिनमें गाने नहीं होते। संगीत को हिंदी सिनेमा का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है और हिंदी सिनेमा के संगीतकारों में आर डी बर्मन उर्फ पंचम दा का नाम बहुत इज्जत से लिया जाता है। शास्त्रीय संगीत पर आधारित गाने हों या कि पाश्चात्य धुनों से प्रेरित धूम धड़ाके वाले गीत, आर डी बर्मन ने अमर प्रेम से लेकर ‘किनारा’, ‘यादों की बारात’, ‘जवानी दीवानी’, ‘शोले’, ‘सागर’, ‘लव स्टोरी’, ‘रॉकी’ ना जाने कितनी फिल्मों में ना जाने कितने सुपरहिट फिल्मी गाने बनाए। साल दर साल वह फिल्मफेयर पुरस्कार में अपना नाम सुनते रहे। फिल्में आती रहीं, जाती रहीं। ‘यादों की बारात’, ‘आपकी कसम’, ‘खेल खेल में’, ‘शोले’, ‘महबूबा’, ‘हम किसी से कम नहीं’, ‘किनारा’, ‘शालीमार’, ‘शान’ और ‘लव स्टोरी’, ये वे फिल्में हैं जिनके लिए आर डी बर्मन का नाम सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुआ पर ट्रॉफी देने का नंबर जब भी आया, उनका नाम नहीं पुकारा गया। ये सिलसिला थमा 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से।
Bioscope S2: कमल हासन का इस फिल्म के बाद टूटा तिलिस्म, आर डी बर्मन को मिला पहला फिल्मफेयर अवार्ड
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आरडी का पहला फिल्मफेयर अवार्ड
जिसको पता ना हो उसको ये जानकर हैरानी ही होती है कि साल 1961 में फिल्म ‘छोटे नवाब’ से बतौर संगीतकार हिंदी सिनेमा से जुड़ने वाले आर डी बर्मन को अपने करियर का पहला फिल्मफेयर पुरस्कार साल 1982 में मिला फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के लिए। अगले साल उन्होंने यही पुरस्कार फिर जीता फिल्म ‘मासूम’ के लिए और तीसरा पुरस्कार उन्हें मिला फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ के लिए। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारो के लिए ज्यूरी कैसे बनती है, उस पर भी आर डी बर्मन की काबिलियत सवाल खड़े करती है। आर डी बर्मन को पूरे करियर में कभी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार नहीं मिला। आर डी बर्मन ने हिंदी सिनेमा के लिए जो किया, उस पर विस्तार से बातें फिर कभी, आज के बाइस्कोप में बारी है उनको पहला फिल्मफेयर पुरस्कार दिलाने वाली फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ की जो अभिनेता कमल हासन की हिंदी में रिलीज दूसरी फिल्म है और इसमें उनके लिए पार्श्वगायन किया किशोर कुमार ने। हालांकि, उनकी पहली फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ के सारे गाने एस पी बालासुब्रमण्यम ने गाए थे।
रीना रॉय की बहन ने बनाई फिल्म
फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ की निर्माता हैं बरखा रॉय। अभिनेत्री रीना रॉय की बहन बरखा रॉय। बरखा रॉय ने ही पहली बार अभिनेत्री सारिका की मुलाकात कमल हासन से कराई थी। और ये मुलाकात ही बाद में दोनों की शादी में भी तब्दील हुई। लेकिन, फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ में कमल हासन के आने का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। जीतेंद्र और रीना रॉय ने 22 हिंदी फिल्मों में साथ काम किया है जिनमें से 17 में उनकी जोड़ी बनी है। और, जिन 17 फिल्मों में जीतेंद्र और रीना रॉय की रोमांटिक जोड़ी बनी, उनमें से 12 फिल्में सुपर डुपर हिट रही हैं। रीना रॉय के मन में जीतेंद्र के लिए इसीलिए हमेशा एक अलग कोना हमेशा सुरक्षित रहा तो जब उनकी बहन ने फिल्म निर्माण में कदम रखने का फैसला किया तो रीना रॉय ने उन्हें जीतेंद्र का ही नाम सुझाया।
जीतेंद्र ने तोड़ दिया बरखा का दिल
बरखा को भी लगा कि दोनों के इतने अच्छे रिश्ते हैं तो जीतेंद्र उनके बजट में काम करने को तैयार हो ही जाएंगे। लेकिन, बताते हैं कि जीतेंद्र के मैनेजर ने उन्हें ये फिल्म अपनी मार्केट फीस से कम पर करने को मना कर दिया। जीतेंद्र को सलाह ये मिली कि अगर उन्होंने अपनी फीस घटाई तो आज नहीं तो कल ये बात बाहर जाने ही वाली है और फिर लोगों को लगेगा कि जीतेंद्र अब इसी फीस पर काम किया करेंगे। जीतेंद्र के करियर का वह टर्निंग प्वाइंट था। साउथ के निर्माता तब तक उनके पास बड़े बड़े प्रस्ताव लाने भी लगे थे। बरखा ने जीतेंद्र के मना करने पर कमल हासन को इस फिल्म के लिए साइन किया। फिल्म की ओपनिंग क्रेडिट्स में यूं लगता है कि शीशे के पीछे कमल हासन नाच रहे हों लेकिन ये डांस दरअसल उन दिनों फिल्मों में काम के लिए स्ट्रगल करने वाले एक कलाकार महेश आनंद ने किया था। महेश आनंद से ही बरखा राय की बाद में शादी भी हुई। हालांकि महेश आनंद ने बाद में बरखा राय से अलग होकर चार शादियां और कीं। और अभी दो साल पहले वह अपने घर में लावारिस हालत में मृत पाए गए थे।
देखता हूं कोई लड़की हसीं...
‘सनम तेरी कसम’ की जब भी बात होती है तो इसके संगीत का जिक्र इसलिए भी सबसे पहले आता है कि क्योंकि आर डी बर्मन को इसमें फिल्मफेयर का पहला अवार्ड मिला। लोग हैरान भी होते हैं कि इससे पहले के जो 11 नॉमीनेशन उन्होंने जीते, उनके आगे तो इस फिल्म का म्यूजिक उनके लिए बाएं हाथ का खेल है। लेकिन, पुरस्कार कैसे मिलते हैं, ये अब किसी से छुपा नहीं। ‘परिचय’, ‘मासूम’ और ‘इजाज़त’ जैसी फिल्मों में इनके गीतकारों, गायकों को नेशनल अवार्ड मिलते रहे लेकिन, आर डी बर्मन का नाम कभी नेशनल अवार्ड की लिस्ट में क्यों नहीं आया, इस पर कभी लंबी बहस फिल्म जगत के लोगों ने की नहीं। वैसे अगर आपने फिल्म ‘शान’ देखी हो तो आपको वह सीन जरूर याद होगा जिसमें शाकाल की एंट्री होती है। इस सीन के बैकग्राउंड म्यूजिक को अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के गाने ‘देखता हूं कोई लड़की हंसीं...’ में भी वही वाद्ययंत्र सुनाई दे जाएंगे। बिल्कुल उसी अंदाज में। वैसे इस गाने की धुन मिस्र के एक गाने ‘मुस्तफा मुस्तफा’ से प्रेरित है। इसी धुन को बाद में नदीम श्रवण ने फिल्म ‘आतिश’ के एक गाने में भी इस्तेमाल किया।