28 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 112वीं जयंती है। शहीद भगत सिंह के बलिदान को भारत कभी नहीं भूल सकता है। बॉलीवुड में उनके जीवन पर कई फिल्में बनीं हैं। आपको एक बार फिर वो मामला याद दिला देते हैं जिसकी वजह से भगत सिंह को फांसी दे दी गई। साल 1928 में साइमन कमीशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता लाला लाजपत राय को पुलिस की लाठियों ने घायल कर दिया। इसके कुछ ही दिनों बाद उनका निधन हो गया। भगत सिंह ने इसका बदला लेने के लिए पुलिस सुपिरिटेंडेंट स्कॉट की हत्या करने की योजना बनाई। लेकिन एक गलती की वजह से स्कॉट की जगह पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या हो गई। इसी बीच उन्होंने असेंबली सभा में बम फेंक दिया। असेंबली सभा में बम फेंकने के मामले में पकड़े गए भगत सिंह को सांडर्स की हत्या के गंभीर मामले में अभियुक्त बनाकर फांसी दी गई।
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जन्मदिन स्पेशल: इन फिल्मों में दिखाया गया भगत सिंह के 'शहीद ए आजम' बनने का सफर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Sat, 28 Sep 2019 12:17 PM IST
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भगत सिंह पर फिल्में
- फोटो : social media
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shaheed
शहीद
साल 1965 में आई फिल्म 'शहीद' ने भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम को पर्दे पर जिंदा कर दिया। भगत सिंह के जीवन पर 1965 में बनी यह देशभक्ति की सर्वश्रेष्ठ फिल्म रही। जिसकी कहानी स्वयं भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त ने लिखी थी। इस फिल्म में अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के गीत थे। बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार ने इस फिल्म में शहीद भगत सिंह का जीवन्त अभिनय किया था। इस फिल्म में चंद्रशेखर आजाद का किरदार मनमोहन ने निभाया। जमशेदपुर में जन्मे मनमोहन को इस फिल्म से बड़ी सफलता हाथ लगी थी।
साल 1965 में आई फिल्म 'शहीद' ने भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम को पर्दे पर जिंदा कर दिया। भगत सिंह के जीवन पर 1965 में बनी यह देशभक्ति की सर्वश्रेष्ठ फिल्म रही। जिसकी कहानी स्वयं भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त ने लिखी थी। इस फिल्म में अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के गीत थे। बॉलीवुड अभिनेता मनोज कुमार ने इस फिल्म में शहीद भगत सिंह का जीवन्त अभिनय किया था। इस फिल्म में चंद्रशेखर आजाद का किरदार मनमोहन ने निभाया। जमशेदपुर में जन्मे मनमोहन को इस फिल्म से बड़ी सफलता हाथ लगी थी।
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'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह'
- फोटो : social media
द लेजेंड ऑफ भगत सिंह
2002 में रिलीज हुई फिल्म 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' जिसे राजकुमार संतोषी ने डायरेक्ट किया था। इसमें अजय देवगन ने भगत सिंह का प्रभावी किरदार निभाया था।इस फिल्म के लिए अजय ने नेशनल अवॉर्ड जीता था। इसके अलावा, द लेजेंड ऑफ भगत सिंह ने तीन फिलमफेयर पुरस्कार भी जीते थे। इस फिल्म में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका को मशहूर कलाकार अखिलेन्द्र मिश्रा ने निभाया था।
शहीद-ए-आजम
शहीद-ए-आजम
फिल्म 'शहीद-ए-आजम' 2002 में ही रिलीज हुई थी जिसे सुकुमार नायर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में भगत सिंह का किरदार सोनू सूद ने निभाया था। फिल्म में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका में राज जुत्सी और राजगुरू की भूमिका में देव गिल दिखाई दिए थे। श्रीनगर में जन्मे राज जुत्सी ने इस फिल्म से बॉलीवुड में धमाल मचा दिया था।
फिल्म 'शहीद-ए-आजम' 2002 में ही रिलीज हुई थी जिसे सुकुमार नायर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में भगत सिंह का किरदार सोनू सूद ने निभाया था। फिल्म में चंद्रशेखर आजाद की भूमिका में राज जुत्सी और राजगुरू की भूमिका में देव गिल दिखाई दिए थे। श्रीनगर में जन्मे राज जुत्सी ने इस फिल्म से बॉलीवुड में धमाल मचा दिया था।
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23 march 1931 shaheed
- फोटो : Social Media
23 मार्च 1931 शहीद
साल 2002 में आई फिल्म ‘23 मार्च 1931 शहीद’ में बॉबी देओल ने भगत सिंह की भूमिका निभाई थी। वहीं इसी फिल्म में उनके बड़े भाई सनी देओल चंद्र शेखर आजाद की भूमिका में नजर आए थे। फिल्म का निर्देश गुड्डू धनोआ ने किया था। सनी देओल की एक्टिंग से बॉलीवुड में एक बार फिर कमाल हो गया इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में अच्छी कमाई की थी। साल 2002 देशभक्ति की फिल्मों से भरा था।
साल 2002 में आई फिल्म ‘23 मार्च 1931 शहीद’ में बॉबी देओल ने भगत सिंह की भूमिका निभाई थी। वहीं इसी फिल्म में उनके बड़े भाई सनी देओल चंद्र शेखर आजाद की भूमिका में नजर आए थे। फिल्म का निर्देश गुड्डू धनोआ ने किया था। सनी देओल की एक्टिंग से बॉलीवुड में एक बार फिर कमाल हो गया इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में अच्छी कमाई की थी। साल 2002 देशभक्ति की फिल्मों से भरा था।
