अपने दर्शकों को रोमांचित करने के लिए देसी ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 'ब्लैक विडोज' नाम से एक ऐसी कहानी लेकर आने वाला है जिसमें तीन महिलाएं शमिता शेट्टी, स्वास्तिका मुखर्जी और मोना सिंह सफेद पोशाकों में लिपटी हुई नजर आएंगी। ये खुद अपने पतियों की हत्या करती हैं और फिर उनके शोक में मगरमच्छ के आंसू भी बहाती हैं। हिंदी फिल्मों में ऐसी और भी खलनायिकाएं रही हैं जिन्होंने अपनी क्रूरता से नायकों की नाक में दम कर दिया था। आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसी ही अभिनेत्रियों के किरदारों पर!
Black Widows: इन 10 कातिल हसीनाओं ने परदे पर काटा बवाल, ‘ब्लैक विडोज’ से भी बड़े रहे इनके कारनामे
अभिनेत्री : सिमी ग्रेवाल
फिल्म : कर्ज (1980)
शुरुआत करते हैं सुभाष घई के निर्देशन में बनी वर्ष 1980 की फिल्म 'कर्ज' से। इस म्यूजिकल ड्रामा फिल्म में सिमी ग्रेवाल बनीं खलनायिका। उन्होंने इस फिल्म में कामिनी वर्मा का किरदार निभाया है। कामिनी की शादी एक अमीर घर के लड़के मोंटी ओबेरॉय से होती है। कामिनी की नजर मोंटी के पैसे पर है इसलिए वह मोंटी को मार देती है। हालांकि, मोंटी का पुनर्जन्म होता है और वह कामिनी से उसके किए का बदला लेता है। उस समय में शायद महिलाओं को इतना बड़ा विलेन नहीं समझा जाता होगा इसलिए महिलाओं को ऐसे किरदारों में नहीं देखा गया। लेकिन, आजकल तो अभिनेत्रियां ऐसे किरदार खूब निभाती हैं।
अभिनेत्री : काजोल
फिल्म : गुप्त- द हिडेन ट्रुथ (1997)
चुलबुली अभिनेत्री काजोल को अक्सर पर्दे पर दिल खुश कर देने वाले रूप में देखा गया है। लेकिन राजीव राय की फिल्म 'गुप्त- द हिडेन ट्रुथ' में काजोल सबसे खूंखार महिला बनकर नजर आईं। काजोल का किरदार इस फिल्म में ईशा दीवान का है जो बॉबी देओल के किरदार साहिल सिन्हा से प्रेम करती है। यहां एक लव ट्रायंगल बनता है जब मनीषा कोइराला का किरदार शीतल चौधरी इन दोनों के बीच में आती है। कहानी में फिर शुरू होता है मौत का एक सस्पेंस वाला खेल। अपराध होते हैं लेकिन अपराधी का पता नहीं चलता। हालांकि, बाद में खुलासा होता है कि सबसे बड़ी अपराधी तो ईशा दीवान ही है।
अभिनेत्री : उर्मिला मातोंडकर
फिल्म : कौन? (1999)
वर्ष 1999 में अनुराग कश्यप की लिखी हुई एक साइकोलॉजिकल सस्पेंस थ्रिलर फिल्म रामगोपाल वर्मा ने बनाई जिसमें उन्होंने उर्मिला मातोंडकर को दिल दहला देने वाली एक सीरियल किलर दिखाया। इस फिल्म का शीर्षक है 'कौन?' और उर्मिला के साथ इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में नजर आए मनोज बाजपेयी और सुशांत सिंह। फिल्म एक ही जगह पर फिल्माई गई थी इसलिए यह फिल्म कलाकार और कर्मचारियों ने मात्र 15 दिन में ही पूरी कर ली थी। उर्मिला का किरदार ऐसा था जो अनजाने घर में लगातार हत्याओं को अंजाम देता है।
अभिनेत्री : शबाना आजमी
फिल्म : मकड़ी (2002)
विशाल भारद्वाज की फिल्म 'मकड़ी' कहानी तो वैसे दो जुड़वा बहनों की है लेकिन इनमें जुड़वा बहनों का सामना जिस विलेन से होता है उसका किरदार शबाना आजमी ने निभाया है। शबाना के किरदार का नाम मकड़ी है जो एक हवेली में रहती है। उस हवेली के आसपास रहने वाले लोग उस मकड़ी को एक डायन मानते हैं। मकड़ी के ही चंगुल में फंस जाती हैं दो जुड़वा बहनें चुन्नी और मुन्नी। फिर उन दोनों बहनों को मकड़ी के चंगुल से निकलने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।