हिंदी सिनेमा के दिवंगत अभिनेता शशि कपूर की गिनती सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में की जाती है। वे पृथ्वीराज कपूर के बेटे थे, लेकिन उनमें खुद इतना हुनर कि उन्हें शायद कभी इस नाम की जरूरत ही नहीं पड़ी। शशि कपूर अब इस दुनिया का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन सैकड़ों फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरने के कारण उन्हें आज भी याद किया जाता है। अपने अभिनय के दम पर उन्होंने चार राष्ट्रीय पुरस्कार और दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।कला में अतुल्य योगदान देने के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। आज उसके जन्मदिन पर हम आपको उनके कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं।
शशि कपूर के ये 10 किरदार हैं हिंदी सिनेमा की धरोहर, एक में तो बिग बी पर पड़े भारी
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किरदार : राजा
फिल्म : जब जब फूल खिले (1965)
कश्मीर की हसीन वादियों में फिल्माई गई यह फिल्म शशि कपूर के लिए उनके करियर की पहली सबसे बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में शशि कपूर एक गरीब आदमी राजा के किरदार में नजर आए। वह कश्मीर की झीलों में अपनी नाव में बैठाकर पर्यटकों को नौका विहार करवाता है। अमीर घराने की लड़की रीता खन्ना (नंदा) जब कश्मीर घूमने आती है, तो राजा उससे प्यार करने लगता है। बाद में आमिर खान की करिश्मा कपूर के साथ आई फिल्म राजा हिंदुस्तानी भी इसी कहानी से प्रेरित है। इस किरदार के लिए शशि कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के बीएफजेए अवार्ड से नवाजा गया।
किरदार : विजय शर्मा
फिल्म : चोर मचाए शोर (1974)
अशोक रॉय के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय शर्मा (शशि कपूर) एक इंजीनियर है, और वह एक अमीर पिता की लड़की रेखा (मुमताज) से प्यार करता है। रेखा के पिता इस रिश्ते के लिए राजी नहीं होते, क्योंकि विजय अमीर नहीं है। विजय एक सीधा साधा नौकरीपेशा आदमी है। उसे झूठे इल्जामों में फंसाकर जेल में कैद करवा दिया जाता है। इस फिल्म में शशि कपूर का बेहतरीन अभिनय देखने को मिला।
किरदार : रवि वर्मा
फिल्म : दीवार (1975)
'मेरे पास मां है' ये संवाद खुद में ही पूरा है। शशि कपूर के मुंह से फिल्म दीवार में ये जैसे प्रवाह में निकला, वैसे ही लोगों के जेहन में समा गया। यह पूर्व और पश्चिम जैसे नजर आने वाले दो भाइयों की कहानी है, जिसे सलीम-जावेद की लीजेंड जोड़ी ने लिखा है। शशि कपूर का किरदार इंस्पेक्टर रवि वर्मा का है, जिसे वक्त आने पर अपने भाई को ही गोली मारनी पड़ती। एक जिम्मेदार पुलिसवाले का किरदार निभाने के लिए शशि कपूर सहायक कलाकार के फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
किरदार : विजय खन्ना
फिल्म : कभी कभी (1976)
यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शशि कपूर और अमिताभ बच्चन एक फिर साथ नजर आए। यहां इन दोनों का नाता सिर्फ इतना होता है कि अमित मल्होत्रा के रूप में अमिताभ बच्चन पूजा (राखी) से प्यार करते हैं, लेकिन पूजा की शादी उसके घरवाले विजय खन्ना (शशि कपूर) से कर देते हैं। शशि कपूर का अभिनय इस फिल्म में देखते ही बनता है। उनके अभिनय को समीक्षकों का पूरा सहयोग मिला इसलिए उन्हें सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया।