हालिया रिलीज फिल्म 'निकम्मा' से शिल्पा शेट्टी ने फिल्मे पर्दे पर अपनी दूसरी पारी का आगाज किया। हालांकि, इससे पहले वह फिल्म 'हंगामा 2' में भी नजर आईं थीं, लेकिन उनका रोल खास नहीं था। एक बातचीत में खुद शिल्पा ने कहा था कि वह 'हंगामा 2' को अपनी कमबैक फिल्म नहीं मानती हैं। मगर, 'निकम्मा' से उन्होंने कमबैक किया है। इस फिल्म में उन्हें रोल भी मनमुताबिक मिला, मगर वह दर्शकों पर पहले जैसा जादू नहीं चला पाईं। सिनेमाघरों में कोई उनकी इस फिल्म को पानी भी नहीं पूछ रहा। इसके लिए फिल्म की कमजोर कहानी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। लेकिन, सवाल यह भी उठता है कि आखिर दूसरी पारी में अभिनेत्रियां पहले जैसा स्टारडम क्यों नहीं हासिल कर पाती हैं? जूही चावला से लेकर रवीना टंडन, माधुरी दीक्षित, काजोल तक तमाम अभिनेत्रियों ने जब दोबारा पर्दे पर कदम रखे तो दर्शक उनसे मुंह फेरते ही नजर आए। इसके लिए फिल्म की कहानी जिम्मेदार है या तमाम नई अभिनेत्रियों के डेब्यू से उपजी प्रतिस्पर्धा। जानिए इस रिपोर्ट में...
Actress Comeback: एक्ट्रेस की दूसरी पारी क्यों बन जाती है फ्लॉप शो? शिल्पा से पहले इन हीरोइन का हाल भी नहीं रहा अच्छा
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माधुरी दीक्षित
धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित का सिक्का बॉलीवुड में खूब चला है। मगर शादी के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। वर्ष 2007 में उन्होंने फिल्म 'आजा नचले' से वापसी की, मगर पहले सा जादू चलाने में नाकाम रहीं और यह फिल्म फ्लॉप रही। इसके बाद 2014 में उन्होंने 'डेढ़ इश्किया' और 'गुलाब गैंग' में काम किया, लेकिन यह फिल्म भी फ्लॉप रहीं। 2019 में आई इनकी फिल्म 'टोटल धमाल' भले हिट रही, मगर इसका क्रेडिट सीधे तौर पर माधुरी दीक्षित को नहीं दिया जा सकता है। फिल्मों में पहले जैसी प्रसिद्धि न रहने के बाद माधुरी ने इस साल 'द फेम गेम' के जरिए ओटीटी पर दस्तक दी है।
काजोल
वर्ष 1999 में काजोल ने अजय देवगन के साथ शादी की। वर्ष 2000 में दोनों फिल्म 'राजू चाचा' में साथ नजर आए। शादी के बाद काजोल ने फिल्मों से ब्रेक नहीं लिया, लेकिन फिल्मों की संख्या बहुत कम कर दी। 2001 में फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के बाद उन्होंने जरूर ब्रेक लिया और फिर सीधे दूसरी पारी शुरू की फिल्म 'फना' से, जिसमें वह आमिर खान के अपोजिट नजर आईं। यह फिल्म हिट हुई थी। आमिर की मौजूदगी वाली यह फिल्म तो हिट रही, लेकिन इसके बाद की काजोल की फिल्म जैसे 'कभी अलविदा न कहना', 'यू मी और हम', 'माय नेम इज खान', 'वी आर फैमिली', 'टूनपुर का सुपरहीरो', 'हेलीकॉप्टर ईला' नहीं चल पाईं।
रानी मुखर्जी
'चोरी-चोरी चुपके चुपके', 'बंटी और बबली', 'ब्लैक', 'हम-तुम', 'साथिया', 'चलते-चलते' जैसी कई फिल्मों से अपनी अभिनय प्रतिभा का जादू बिखरेनी वाली रानी मुखर्जी को भी फिल्मों से ब्रेक लेने के बाद पहले जैसा प्यार नहीं मिल पाया। वर्ष 2014 में रानी मुखर्जी ने फिल्म 'मर्दानी' में पावरफुल महिला पुलिस की भूमिका को दमदार अंदाज में निभाया था। इसी साल उन्होंने आदित्य चोपड़ा से शादी की थी। शादी के बाद रानी मुखर्जी ने कुछ वक्त का ब्रेक लिया। वर्ष 2018 में फिल्म 'हिचकी' से उन्होंने फिर वापसी की। मगर, उन्हें पहले जैसी सफलता और तारीफें नहीं मिलीं। उन्होंने 'मर्दानी 2' के जरिए तुरुप का इक्का चला, फिल्म तो हिट रही, लेकिन रानी का जादू खास नहीं चला। यहां तक कि 'बंटी और बबली' की दूसरी किस्त 'बंटी और बबली 2' में भी उनका पहले जैसा अंदाज नहीं नजर आया। इससे साफ होता है कि बॉलीवुड में फिल्मों में शादीशुदा और ब्रेक के बाद कमबैक करने वाली अभिनेत्रियों को कास्ट करने का चलन बदला है। एक्ट्रेस को शादी और ब्रेक के बाद भी अब फिल्में ऑफर होने लगी हैं। लेकिन, उनके अभिनय का जादू पहले जैसा नहीं चल पाता है।
रवीना टंडन
इस कड़ी में रवीना टंडन का नाम भी आता है। रवीना ने वर्ष 2004 के बाद फिल्मों से ब्रेक लिया। इसके बाद उन्होंने 2015 में कमबैक किया और फ्लॉप फिल्मों की हैट्रिक लगाई। '2 चेहरे', 'मातृ', 'शब' में नजर आईं, लेकिन तीनों प्लॉप रहीं। बता दें कि इसी साल रवीना अनुराग कश्यप की फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' में भी कैमियो करती नजर आईं थीं। फिल्मों में दोबारा अपनी पहचान स्थापित करने के असफल प्रयास के बाद, रवीना वेब सीरीज 'अरण्यक' के जरिए ओटीटी पर ठीक-ठाक स्टारडम हासिल करने में कामयाब रही हैं।