हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के निर्माताओं की प्रॉड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया सहित चार एसोसिएशन और 34 फिल्म निर्माताओं ने अर्णब गोस्वामी, प्रदीप भंडारी, उनके चैनल रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ के राहुल रविशंकर और नविका कुमार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन्हें बॉलीवुड के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने से रोकने की मांग की है।
दो हिस्सों में बंटी हुई फिल्म इंडस्ट्री आज हो गई एकजुट, मीडिया ट्रायल के खिलाफ खोला मोर्चा
IMPPA (इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन) तो मुकदमा करने वाले समूहों में शामिल नहीं है लेकिन संस्था के अध्यक्ष और फिल्म निर्माता टीपी अग्रवाल ने बॉलीवुड के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि, "हमें खुशी है कि बॉलीवुड ने ये कदम उठाया है। बहुत पहले ही ये फैसला लेना चाहिए था। किसी एक दो की वजह से पूरी इंडस्ट्री को बदनाम कर दिया मीडिया ने। सबको एक साथ मिलकर इन पत्रकारों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और आवाज उठानी चाहिए।"
काफी समय बाद एक ऐसा मौका देखने को मिल रहा है जब फिल्म इंडस्ट्री एक प्लेटफार्म पर खड़ी नजर आ रही है और ये सब एक साथ मिलकर उन लोगों के खिलाफ खड़े हुए हैं जो इनके खिलाफ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एक तरह का अभियान चला रहे थे। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद और उससे पहले भी पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड में दो तरह की खेमेबंदी जाहिर तौर पर उभर कर सामने आने लगी थी।
यह सिलसिला टेलीविजन मीडिया के जरिए करीब साढ़े तीन महीने तक अपने उफान पर दिखा लेकिन पिछले सप्ताह ही देश के सामने सुशांत सिंह राजपूत के मौत की एक गुत्थी सुलझने तक यह सिलसिला जारी था। एम्स के साथ-साथ सीबीआई की ओर से कहा गया कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या नहीं हुई। तब कंगना रणौत चुप थीं मगर दूसरी ओर स्वरा भास्कर, फरहान अख्तर जैसी हस्तियां कंगना पर तंज कसती नजर आईं।
एम्स की रिपोर्ट आने के बाद स्वरा भास्कर ने ट्वीट किया, "अब तो सीबीआई और एम्स दोनों ही इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत का दुखद निधन सुसाइड था। कुछ लोग सरकार द्वारा दिये गए पुरस्कारों को वापस करने की बात कर रहे थे, न?"
कंगना ने स्वरा के इस तंज का जवाब देते हुए लिखा "ये है मेरा इंटरव्यू.. अगर याददाश्त कमजोर हो तो फिर से देखें। अगर मैंने एक भी झूठा या गलत आरोप लगाया हो तो मैं अपने सारे अवार्ड्स वापस कर दूंगी। ये एक क्षत्रिय का वचन है। राम भक्त हूं। जान जाए पर वचन न जाए।"
सुशांत की मौत के लिए भारतीय मीडिया के बड़े तबके ने सबसे बड़ा जिम्मेदार उनकी खास दोस्त रही रिया चक्रवर्ती को ठहराने की कोशिश की। एक तरह से उनका ही सबसे ज्यादा मीडिया ट्रायल हुआ। ड्रग्स मामले में रिया जेल गईं मगर अदालत से जमानत मिलने के बाद फरहान अख्तर ने ट्वीट किया, "क्या वो एंकर्स माफी मांगेंगे जिन्होंने रिया और उनके परिवार पर आरोप लागए थे। मुझे नहीं लगता। मगर अब उन्हें गोल पोस्ट को शिफ्ट करते हुए जरूर देखना। वे इसके लिए कुख्यात हैं।"
दरअसल सुशांत सिंह की मौत के बाद बॉलीवुड में एक अजीब सा हंगामा खड़ा हो गया था। किसी की मौत पर फिल्म इंडस्ट्री में कभी झगड़े या आरोप प्रत्यारोप नहीं लगते थे मगर इस बार गंगा उल्टी बहती हुई दिखी। एक तरह फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई। सुशांत की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की, जांच में बिहार पुलिस की भी एंट्री हुई और फिर मौत की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सीबीआई के हाथों में केस सौंपा गया। मीडिया के बड़े हिस्से ने एक भी दिन इस केस को अपने स्क्रीन और पन्नों से हटने नहीं दिया।
जब तक मौत की जांच आत्महत्या की दिशा में थी तब तक कंगना ने नेपोटिज्म का एंगल जोड़ दिया। हर तरफ शोर मचा कि बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों ने सुशांत सिंह राजपूत को मजबूर किया आत्महत्या के लिए। ये भी कहा जाने लगा कि सुशांत सिंह राजपूत से कई फिल्में छीनी गईं और बड़े सितारों से लेकर बड़े फिल्मकारों ने सुशांत को आगे बढ़ने से रोका क्योंकि यहां परिवारवाद चरम पर है और सुशांत छोटे से शहर के रहने वाले हैं। इसके लिए यशराज फिल्म्स और संजय लीला भंसाली जैसे फिल्मकार से पूछताछ भी हुई। उसके बाद जांच एजेंसी ने हत्या का एंगल भी ढूंढना शुरू किया जिसके रास्ते ड्रग्स की गलियों तक पहुंच गए। ड्रग्स का मामला संसद में भी उछला।
जब तक सुशांत के लिए इंसाफ की मांग हो रही थी तबतक सबकुछ ठीक था मगर कभी बॉलीवुड माफिया, कभी नेपोटिज्म और कभी ड्रग्स, आरोप और प्रत्यारोप इस तरह शुरू हुए कि लगा कि फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट कर खड़ी हो गई। एक ग्रुप बन गया कंगना रणौत का जिसे पहले दिन से ही बीजेपी का समर्थन मिल रहा था। और दूसरा ग्रुप बन गया जया बच्चन, अनुराग कश्यप और स्वरा भास्कर जैसी हस्तियों का।

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