दिल्ली के जामिया नगर इलाके में गुरुवार को एक नाबालिग ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में एक छात्र घायल घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वो हवा में पिस्तौल लहराकर नारेबाजी कर रहा था और हथियार लेकर प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल हुआ था। एक तरफ जहां इस घटना पर राजनीति शुरू हो गई हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता इसे लेकर गुस्से में हैं। बॉलीवुड की कई हस्तियों ने भी इसकी निंदा की है।
जामिया फायरिंग पर बॉलीवुड में गुस्सा, स्वरा भास्कर-अनुराग कश्यप सहित इन हस्तियों ने उठाए सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने जामिया नगर की घटना पर ट्वीट किया, 'इसमें कुछ भी चौंकने जैसा नहीं है। यह महज उसी का परिणाम है, जो हमने 2014 में किया। आप किसी भी संघ को मानने वाले की विचारधारा को उठाकर पढ़ लीजिए, उनका यही सबसे तार्किक रास्ता है। उनको वोट देंगे तो ऐसी ही स्थिति में जाएंगे।'
There is nothing surprising or shocking about this.. this is the logical conclusion of what we brought to power in 2014.. read any of the Sangh ideologues- this is where we were headed all along when we voted them in! #Delhi #MartyrsDay pic.twitter.com/rNuKaHYvPp
अनुराग कश्यप ने ट्वीट किया, 'यह सरकार साफ-साफ कह रही की जय श्रीराम और भारत माता की जय बोल के, हिंदुत्व के नाम पर और जो चाहे करो, मारो, काटो, हम कुछ नहीं होने देंगे। अब शक है की सरकार और पार्टी ही आतंकवाद पैदा कर रहे हैं?'
यह सरकार साफ़ साफ़ कह रही की जय श्रीराम और भारत माता की जय बोल के , हिंदुत्व के नाम ओर जो चाहे करो , मारो , काटो , हम कुछ नहीं होने देंगे । अब ही शक है की सरकार और पार्टी ही आतंकवाद पैदा कर रहे हैं ?
जीशान अयूब ने लिखा, 'Confuse क्यूं हो रहे हैं लोग? आज जामिया में गोली चलना कोई इत्तेफाक नहीं है भाई!! ये बिलकुल साफ सीधी statement है!!'
Confuse क्यूँ हो रहे हैं लोग? आज जामिया में गोली चलना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है भाई!! ये बिलकुल साफ़ सीधी statement है!!
ये date चुनी गयी थी इस हरकत के लिए।ये लोग polarisation के master हैं।
जावेद अख्तर ने लिखा है, 'यही वह दिन था जब 1948 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी हत्या दक्षिणपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता ने कर थी। उसने उनके दुर्बल शरीर में तीन गोलियां मारी थीं। उन्होंने शरीर को मार डाला लेकिन गांधी जी को नहीं मार सके। वह अभी भी जिंदा है। वे अभी भी उसे मारने की कोशिश कर रहे हैं।'
This was the day in 1948 when the father of the nation Mahatma Ghandhi ji was killed by a right wing political activist . He had shot three bullets in his frail Body . He killed the body but couldnt kill Gandhi ji . He is still alive . They are still trying to kill him .