चकाचौंध से भरी फिल्मी दुनिया अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। मनोरंजन जगत और इसके सितारों के मशहूर किस्सों का जिक्र अक्सर फिल्मी गलियारों में गूंजता रहता है। लोग भी अपने पसंदीदा कलाकारों से जुड़े इन किस्से और कहानियों के बारे में जाने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। लोगों की इसी दिलचस्पी और उत्सुकता को देखते हुए अमर उजाला ने बॉलीवुड गॉसिप्स नाम की एक सीरीज शुरुआत की है, जिसे पढ़कर आप ना केवल हैरान होंगे बल्कि चौक भी जाएंगे। इसी क्रम में आज जानेंगे रामानंद सागर की रामायण में नजर आए अरविंद त्रिवेदी के रावण बनने के किस्से के बारे में-
Bollywood Gossips: रावण नहीं इस किरदार के लिए अरविंद त्रिवेदी ने दिया था ऑडिशन, जानें फिर कैसे बने लंकापति
चकाचौंध से भरी फिल्मी दुनिया अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। मनोरंजन जगत और इसके सितारों के मशहूर किस्सों का जिक्र अक्सर फिल्मी गलियारों में गूंजता रहता है।
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मध्यप्रदेश के इंदौर के रहने वाले अरविंद टीवी से पहले गुजराती फिल्मों में काम किया करते थे। लेकिन रामायण बनने के दौरान जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि रामानंद सागर इसकी कास्टिंग कर रहे हैं, वह तुरंत सब कुछ छोड़ मुंबई आ पहुंचे। हालांकि, बेहद कम लोग यह जानते होंगे कि रामायण में अपने रावण के किरदार से मशहूर हुए अरविंद असल में इस शो में किसी अन्य किरदार के लिए ऑडिशन देने पहुंचे थे। इतना ही नहीं रावण के किरदार के लिए रामानंद सागर की पहली पसंद भी अरविंद त्रिवेदी नहीं बल्कि उस दौर के एक मशहूर अभिनेता थे।
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दरअसल, अरविंद त्रिवेदी से पहले इस किरदार के लिए रामानंद सागर की पहली पसंद अमरीश पुरी थे। वहीं, अरविंद भी रामायण में केवट का किरदार निभाने के लिए ऑडिशन देने पहुंचे थे। इतना ही नहीं मुंबई पहुंच कर उन्होंने सिर्फ केवट का ही ऑडिशन दिया था, लेकिन जैसे ही वह ऑडिशन खत्म करके वापस लौट रहे थे तो उनकी बॉडी लैंग्वेज और एटीट्यूट को देख रामानंद सागर ने कहा कि उन्हें उनका लंकापति मिल गया है और इस तरह उन्होंने अरविंद को रावण का किरदार देने का फैसला किया।
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हालांकि, अरविंद के लिए रावण का किरदार निभाना बेहद मुश्किल था, क्योंकि उन्हें इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी। खबरों की मानें तो रावण बनने के लिए अरविंद को लगभग 5 घंटे का समय लगता था। भारी ज्वेलरी और मुकुट की वजह से भी उन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थी। लेकिन इन सभी दिक्कतों के बाद भी उन्होंने बेहद शानदार तरीके से अपना किरदार निभाया, जिसके चलते वह हमेशा के लिए लोगों के बीच मशहूर हो गए। उन्होंने रावण के अपने किरदार को इतनी बखूबी से निभाया कि लोग असल जिंदगी में उनसे नफरत करने लगे थे। पर्दे पर राम के दुश्मन बने अरविंद असल में खुद राम और शिव भक्त थे।
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