भारत में गीत-संगीत को विशेष महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि फिल्मों में इसे खास तौर से प्राथमिकता दी जाती है। लोग खुशी में हों या गम में, संगीत का साथ हमेशा बना रहता है। इसके मद्देनजर हर मूड के लिए गाने भी बनाये जाते हैं। बॉलीवुड फिल्मों में हर तरह के गाने का निर्माण होता है। इनमें कई बार ऐसे गाने बन जाते हैं जो काफी कठिन होते हैं। इन्हें सिर्फ एक ट्रेंड गायक ही तराश सकता है। इसे गुनगुना आम लोगों के बस की बात नहीं। आज हम ऐसे ही कुछ गानों का जिक्र कर रहे हैं।
हाई नोट्स सॉन्ग: ये हैं बॉलीवुड के सबसे ऊंचे सुरों वाले गानें, एक का तो नाम ही है ‘ब्रेथलेस’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिमझिम गिरे सावन
1979 में रिलीज हुई फिल्म 'मंजिल' का गाना 'रिमझिम गिरे सावन' काफी कठिन गाना था। इन गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने गाया था। गाने में संगीत आरडी बर्मन ने दिया था।
एक चतुर नार बड़ी होशियार
1968 में रिलीज हुई पिक्चर 'पड़ोसन' का गाना 'एक चतुर नार बड़ी होशियार' सबसे कठिन गानों में से एक है। इस गाने को किशोर कुमार, मन्ना डे और महमूद ने मिलकर गाया था। इसमें भी आरडी बर्मन ने ही म्यूजिक दिया था। इसे गाने में अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं।
मधुबन में राधिका नाचे रे
'कोहिनूर' फिल्म का गाना 'मधुबन में राधिका नाचे रे' को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी। म्यूजिक नौशाद अली का था। 'कोहिनूर' फिल्म 1960 में रिलीज हुई थी। आम दर्शक तो गाने को गुनगुनाने से भी हिचकते थे कि कहीं सुर लगाने में उनका गला न खराब हो जाए।
अभी मुझमें कहीं
'अग्निपथ' का ये गाना काफी खूबसूरत है। इसे आज के दौर के सबसे प्रतिभाशाली गायकों में से एक सोनू निगम ने गाया था। इसे हाई रेंज पर गाया गया है। म्यूजिक अजय अतुल ने दिया था।