दुनिया को मूक रहकर हंसाने की कला सिखाने हॉलीवुड अभिनेता और फिल्मकार चार्ली चैपलिन की आज 131वीं जयंती है। 16 अप्रैल 1889 को लंदन में जन्मे चैपलिन ने एक ऐसे हास्य अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई जिसने सिर्फ अपने हाव-भाव से ही लोगों को लोट पोट कर दिया। चैपलिन ने अपने करियर की शुरूआत मात्र 13 वर्ष की उम्र में ही कर दी थी। 75 वर्ष के अपने करियर में उन्होंने अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, लेखक से लेकर संगीतकार की भूमिका को बखूबी निभाया। चैपलिन के निभाए किरदारों में 'लिटिल ट्रैम्प' को उनके सर्वश्रेष्ठ किरदार के रूप में याद किया जाता है। चार्ली चैपलिन को ऑस्कर अवॉर्ड से लेकर मानद अकादमी पुरस्कार और ब्रिटेन की महारानी से नाइट की उपाधि भी मिली। हिंदी सिनेमा पर भी चैपलिन ने गहरी छाप छोड़ी है। चलिए नजर डालते हैं हिंदी सिनेमा के उन कालाकारों पर जिन्होंने चार्ली चैपलिन के अभिनय को अपनी प्रेरणा बनाई।
Charlie Chaplin 131st Birthday: देखिए किसने-किसने की कोशिश चार्ली चैपलिन बनने की और कौन बना देसी चैपलिन नंबर वन
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राज कपूर
राज कपूर को हिंदी सिनेमा के चार्ली चैपलिन के रूप में जाना जाता है। उन्होंने फिल्म 'श्री 420' में एक ऐसा किरदार निभाया था जिसमें उन्होंने दुख और खुशी की भावना एक ही किरदार में साझा किया। उन्होंने ऐसा ही किरदार फिल्म 'मेरा नाम जोकर' और 'आवारा' जैसी फिल्मों में भी निभाया था। उनके ऐसे ही कुछ चुनिंदा फिल्मों के अभिनय को देख चार्ली चैपलिन की याद आती है। हिंदी सिनेमा जगत में उनसे बेहतर आज तक किसी ने चार्ली चैपलिन से प्रेरित किरदार नहीं निभाया है। आज के अभिनेता आए दिन चार्ली चैपलिन की एक्टिंग करते हैं लेकिन वे सिर्फ उन्हें कॉपी करने की कोशिश करते हैं कोई भी उनके अभिनय की कला को समझ कर अपना नहीं पाता है।
श्रीदेवी
फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के एक सीन में दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी, चार्ली चैपलिन के गेटअप में नजर आती हैं। फिल्म में उनका लुक तो चार्ली चैपलिन से मेल खाता ही है लेकिन उस छोटे से किरदार में वह जिस प्रकार अपने चुलबुले पन का इस्तेमाल करती हैं वह लोगों को हंसाने में सफल साबित होता है। असल चार्ली चैपलिन की तरह वह भी अपने अतरंगी अभिनय से लोगों को पेट पकड़कर हंसने के लिए मजबूर कर देती हैं। एक बाल कलाकार के साथ वह जिस हाव भाव में नजर आईं वह हिस्सा फिल्म का मजबूत पक्ष बन गया।
असरानी
फिल्मकार रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' में अभिनेता असरानी ने जेलर की भूमिका निभाई थी। असरानी का यह किरदार चार्ली चैपलिन की फिल्म 'द ग्रेट डिक्टेटर' के एडोल्फ हिटलर से प्रेरित था। असरानी ने अपने इस रोल में हिटलर और चैपलिन दोनों की शख्सियत का इस्तेमाल किया था। फिल्म का उनका संवाद 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर' हैं आज भी खूब याद किया जाता है।
रणबीर कपूर
नए जमाने के कलाकारों में कई अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने विभिन्न विज्ञापनों और शूट में चार्ली चैपलिन का गेटअप अपनाया है। लेकिन रणबीर कपूर ने फिल्म 'अजब प्रेम की गजब कहानी' के एक सीन में चार्ली चैपलिन की भूमिका अदा की। इसके अलावा वह फिल्म 'बर्फी' में भी 'चार्ली चैपलिन' से प्रेरित किरदार में नजर आ चुके हैं। रणबीर ने अपने अभिनय में अपने हाव भाव से चार्ली चैपलिन की एक्टिंग स्टाइल को अपनाने का भरसक प्रयास किया। गौरतलब है कि इन किरादरों को निभाने से पहले रणबीर कपूर पर अपने दादा राज कपूर के स्तर को छूने का दबाव था। अपनी अदाकारी के दम पर वह काफी हद इन उम्मीदों पर खरे उतरे।